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सोनाक्षी ने इंटरव्यू में खोले दबंग-3 के राज, बोलीं-हीरोइन की छवि तोड़ने का मौका 'खानदानी शफाखाना'

Sat, 13 Jul 2019 12:31 PM IST
anand anand मुंबई डेस्क, अमर उजाला
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sonakshi sinha - फोटो : instagram
अपने नौ साल के करियर में आठ सुपरहिट फिल्में दे चुकीं सोनाक्षी सिन्हा के लिए ये साल काफी मंगलकारी दिख रहा है। उनकी नई फिल्म खानदानी शफाखाना अपने अनोखे विषय को लेकर सुर्खियों में है। मिशन मंगल 15 अगस्त को रिलीज हो रही है और सलमान खान के साथ उनकी दबंग सीरीज की तीसरी फिल्म भी जल्द पूरी होने वाली है। सोनाक्षी सिन्हा की अमर उजाला से एक खास मुलाकात।

पिछली बार जब हमारी मुलाकात हुई तो हमने आपके लीक से इतर किरदारों पर लंबी बात की थी, आपको लगता है कि अब भी हिंदी सिनेमा में आपकी सौ फीसदी काबिलियत का इस्तेमाल नहीं हुआ है?

हां, कम से कम अपने डांस नंबर्स के आधार पर तो मैं ऐसा कह ही सकती हूं। मैं तो अपने निर्माताओं और निर्देशकों से भी अक्सर इस बारे में चर्चा करती हूं। हिंदी सिनेमा में मेरे तमाम गाने खूब हिट हुए हैं और इनमें से ज्यादातर डांस नंबर्स हैं। जब भी कोई डांस फिल्म बनने की बात आती है तो मेरा नाम ही नहीं होता लिस्ट में। मुझे लगता है कि एक डांस मूवी मेरी फिल्मोग्राफी में जरूर होनी चाहिए। उम्मीद करती हूं कि अगली बार जब कोई निर्देशक डांस मूवी की प्लानिंग करेगा तो मेरे इन गानों पर जरूर नजर डालेगा।
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लुटेरा में सोनाक्षी सिन्हा - फोटो : सोशल मीडिया
हां, रज्जो, पारो या पाखी काफी म्यूजिकल किरदार रहे हैं आपके। रज्जो के तौर पर परदे पर आए आपको नौ साल हो चुके हैं तो इस बार रज्जो और चुलबुल पांडे का रिश्ता कैसा होगा?

रज्जो और चुलबुल पांडे के रिश्तों का ये नया समीकरण तो आपको दबंग 3 देखने के बाद ही पता चलेगा। दोनों की केमिस्ट्री दर्शकों को पसंद आती है। दबंग सीरीज एक एक्शन फ्रेंचाइजी है लेकिन इसके बावजूद दर्शकों को रज्जो पसंद आती है, वह उसे पसंद करते हैं और हम भी दर्शकों का ये एहसास बनाए रखना चाहते हैं। सलमान खान के साथ मैं दिन पर दिन सहज होती गई हूं। ये फिल्म सीरीज मेरी घर वापसी जैसी होती है। पूरी फिल्म यूनिट मुझे घर जैसा एहसास कराती है। उनके साथ जाकर बैठ जाना ही बहुत सुकून देता है। और, इस बार तो प्रभु (प्रभुदेवा) सर भी हैं। उनके निर्देशन में सब कुछ बेहतर से बेहतरीन होता जा रहा है।

आपके किरदारों को लोग उनके नाम से याद रखते हैं, क्या लगता है बेबी बेदी का नाम भी इस लिस्ट में जुड़ने जा रहा है?

बेबी बेदी का किरदार जब मुझे ऑफऱ हुआ तो मैं चौंक गई थी। फिल्म को संक्षेप में जब सुना था तो लगा था कि मैं ही क्यों लेकिन जब पूरी स्क्रिप्ट पढ़ी तो लगा कि कोई दूसरा क्यों, ये रोल है ही मेरे लिए। इस फिल्म ने मुझे हिंदी सिनेमा की हीरोइन की छवि तोड़ने का एक बड़ा मौका दिया है। देश के ज्यादातर परिवारों में अब भी सेक्स पर बात करना मना है। एक लड़की अगर इस बारे में बात करते दिखती है तो जाहिर है लोग जानना चाहते हैं कि आखिर वह ऐसा क्यों कर रही है?
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दबंग में सोनाक्षी सिन्हा - फोटो : सोशल मीडिया
तो एक तरह से हम इसे सामाजिक बदलाव के लिए सिनेमा का बड़ा कदम मान सकते हैं?

बेबी बेदी का संघर्ष समाज के बनाए उसूलों और सेक्स की बातों को यूं ही टाल देने से है। ऐसा कोई विषय सिनेमा में आता है तो आमतौर पर किसी न किसी हीरो को ही फिल्म में लिया जाता है। ये पहली बार है किसी हीरोइन ने इस बात को कहने का बीड़ा उठाया है और मैं खुश हूं कि एक फैमिली फिल्म में ये किरदार करने का मौका मुझे मिला।

तो आप मानती हैं कि समाज में महिलाएं अगर सेक्स के बारे में बात करती हैं तो उनके बारे में लोगों की धारणा सही नहीं होती?

बिल्कुल और ये कितना गलत है। धरती पर महिला और पुरुष के आने का एक ही तरीका है। दोनों की बराबरी की जगह है समाज। खानदानी शफाखाना जैसी फिल्में इसी बात का तो दम भरती हैं। किसी भी तरह की बीमारी की हम खुलकर बात करते हैं। डॉक्टर के पास भी जाते हैं तो सबको पता होता है लेकिन अगर किसी को यौनांगों की कोई बीमारी है तो उसके बारे में बात करने में शर्म क्यों? सेक्स भी एक कुदरती बात है और इसी की वजह से तो हम सब हैं।

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sonakshi sinha - फोटो : file photo
खानादानी शफाखाना के ट्रेलर से इसके एक बोल्ड फिल्म होने का एहसास भी मिलता है, तो अब हम सोनाक्षी को आगे भी इस तरह की या इससे ज्यादा बोल्ड फिल्मों में देख सकेंगे?

मेरा फिल्में सेलेक्ट करने का एक तय फॉर्मूला है। और, वह यह कि मेरी फिल्म पूरे परिवार के साथ देखने में किसी को शर्म नहीं आनी चाहिए या न ही किसी सदस्य को असहज लगना चाहिए। मैं सिर्फ फैमिली फिल्में ही करती हूं और आपसे पूरे दावे के साथ कह सकती हूं कि आगे भी मैं इसी तरह की फिल्में ही करूंगी। खानदानी शफाखाना एक बोल्ड विषय पर बनी आज के समय की फिल्म है। इसे पूरे परिवार के साथ देखने में कोई दिक्कत नहीं है। बच्चे अब माता-पिता से हर विषय पर खुलकर बातें करते हैं। सेक्स पर बात करने के लिए भी उनके साथ अभिभावकों को इतना ही खुला होना चाहिए।
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sonakshi sinha - फोटो : file photo
एक आखिरी सवाल, आपकी पिछली फिल्म कलंक को लेकर। फिल्म के पोस्टर पर माधुरी दीक्षित के साथ अपना फोटो देखने का एहसास कैसा था?

था नहीं, अब भी है। और, सिर्फ पोस्टर ही क्यूं, फिल्म में उनके साथ करने का एहसास ऐसा अनुभव है जो ताजिंदगी मेरे जेहन में छपा रहेगा। फिल्म की शूटिंग के वक्त के ऐसे तमाम लम्हे हैं जो मेरी जिंदगी की सबसे खूबसूरत यादें हैं। फिल्म भले काफी सीरियस लगी हो लोगों को, लेकिन इस फिल्म की शूटिंग के दौरान हमने खूब मस्ती की। कलंक मेरे करियर का एक हिस्सा है और इस फिल्म पर भी मुझे उतना ही फख्र है जितना अपनी दूसरी फिल्मों पर।
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