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South Cinema VS Kashmir Files: साउथ फिल्मों के सामने क्यों फीकी पड़ी 'द कश्मीर फाइल्स'? विवेक अग्निहोत्री ने बताई सच्चाई

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साउथ सिनेमा बनाम द कश्मीर फाइल्स - फोटो : सोशल मीडिया
बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों केवल साउथ इंडस्ट्री की ही फिल्में धमाल मचाने में कामयाब हो पा रही हैं। हालांकि हिंदी बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में साउथ फिल्मों के अलावा जिस बॉलीवुड फिल्म का सबसे ज्यादा योगदान रहा है, वह विवेक अग्निहोत्री की 'द कश्मीर फाइल्स' है। हालांकि 22  दिनों में 777.90 करोड़ रुपये की कमाई करने वाली 'केजीएफ:चैप्टर 2' के सामने 'द कश्मीर फाइल्स' 35 दिनों में केवल 250.69 करोड़ रुपये का ही कलेक्शन कर पाई है।
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केजीएफ चैप्टर 2 और द कश्मीर फाइल्स - फोटो : सोशल मीडिया
एक असल घटना पर आधारित फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर 300 करोड़ भी पार न करना और लार्जर देन लाइव वाली फिल्म 'केजीएफ: चैप्टर 2' का 777.90 करोड़ रुपये की कमाई करना आश्चर्यजनक है। हालांकि इस मुद्दे पर कभी कोई चर्चा नहीं हुई है। लेकिन अब विवेक अग्निहोत्री ने इस पर सवाल खड़े करते हुए इसके पीछे का असल कारण बताया है। 
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विवेक अग्निहोत्री - द कश्मीर फाइल्स - फोटो : सोशल मीडिया
गुरुवार को दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान फिल्म के निर्देशक विवेक अग्निहोत्री ने कहा, 'द कश्मीर फाइल्स' शायद पहली ऐसी फिल्म है, जिसकी प्रोडक्शन कम्पनी और मेकर्स के बीच यह अनुबंध हुआ था कि इसकी कमाई को सही तरीके से रिकॉर्ड किया जाएगा। हमारा और जी स्टूडियो का यही मानना था कि यह फिल्म राइट टू जस्टिस (न्याय मिलने का अधिकार) पर आधारित है, इसलिए इसका एक-एक पैसा ईमानदारी से रिपोर्ट किया जाएगा। लेकिन फिल्म इंडस्ट्री में यह चलन बन चुका है कि 100 करोड़ की कमाई करने पर दुनिया को 200 करोड़ बताया जाए। 

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द कश्मीर फाइल्स फिल्म के निर्माता विवेक अग्निहोत्री। - फोटो : सोशल मीडिया
निर्देशक आगे कहते हैं, हमारी फिल्म ने वर्ल्डवाइड केवल 337 करोड़ रुपये का कलेक्शन इसलिए किया क्योंकि हमारे टिकट बहुत सस्ते थे। वहीं साउथ इंडिया की फिल्मों का टिकट 1700 रुपये से ज्यादा का होता है। अगर हमारी फिल्म का टिकट भी इतना महंगा होता तो आज 'द कश्मीर फाइल्स' भी कई रिकॉर्ड अपने नाम कर रही होती। 
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विवेक अग्निहोत्री - फोटो : सोशल मीडिया
विवेक अग्निहोत्री दुख के साथ कहते हैं, हैरान कर देने वाली बात यह है कि भारत में जो सबसे सफल फिल्म है, उसको 3 से 3.5 करोड़ लोग ही देखते हैं। 130 करोड़ की आबादी वाले देश में ऐसा होना दुखद है। वहीं आज जिन फिल्मों की बहुत चर्चा हो रही है, जिनके लिए कहा जा रहा है कि ये तो दुनिया बदल देंगी, उन्हें केवल 1-1.5 करोड़ लोगों ने ही देखा है। यानी दर्शकों की संख्या के मामले में हमारी फिल्म साउथ की फिल्मों से ज्यादा सफल रही है। 
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