नीरज काबी
- फोटो : Amar Ujala, Mumbai
अखबार ने बदल दी किस्मत
रंग मंच के शानदार कलाकार नीरज काबी को भी अखबार ने ही बड़ी पहचान दिलाई। पुराने दिनों का एक वाकया बताते हुए उन्होंने कहा, 'मैं जब रंगमंच का कलाकार था, तब एक अखबार में मेरे लिए एक आलेख छपा। जिस नाटक में मैंने काम किया था, उस नाटक की कम और मेरे किरदार की तारीफें ज्यादा लिखी गईं थी। उससे मुझे बड़ा फायदा हुआ। उसको पढ़कर लोगों ने वह नाटक देखना शुरू किया। पहले जहां उस नाटक को 50-60 लोग ही देखने आ रहे थे, अब वह शो हाऊसफुल चल रहा था। मुझे अब भी याद है कि वह नाटक पृथ्वी थिएटर में चल रहा था। मेरा चेहरा मास्क से ढका हुआ था, फिर भी एक अखबार ने मुझे पहचानने योग्य बना दिया था।'