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Grammy Award 2024: ग्रैमी सम्मान पाकर खुश हैं ये भारतीय कलाकार, अवॉर्ड को बताया भारत की उपलब्धि

Mon, 05 Feb 2024 02:51 PM IST
यशी पाल एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

ग्रैमी अवार्ड्स 2024 में भारतीय संगीतकारों का भी जलवा देखने को मिला। तबला वादक जाकिर हुसैन और बांसुरीवादक राकेश चौरसिया सहित पांच भारतीय संगीतकारों ने ग्रैमी पुरस्कार अपने नाम किया। 
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जाकिर हुसैन, राकेश चौरसिया, शंकर महादेवन - फोटो : social media
रविवार को लॉस एंजिल्स में 66वें ग्रैमी अवॉर्ड्स का आयोजन किया गया। भारत ने इस साल ग्रैमी अवॉर्ड्स में बड़ी जीत हासिल की है। वहीं, ग्रैमी अवार्ड्स 2024 में भारतीय संगीतकारों का भी जलवा देखने को मिला। तबला वादक जाकिर हुसैन और बांसुरीवादक राकेश चौरसिया सहित पांच भारतीय संगीतकारों ने ग्रैमी पुरस्कार अपने नाम किया। जाकिर हुसैन ने तीन ग्रैमी के साथ भारत के बड़े विजेता बने, वहीं राकेश चौरसिया ने दो ग्रैमी जीते। फ्यूजन ग्रुप शक्ति में जाकिर हुसैन के सहयोगी गायक शंकर महादेवन, वायलिन वादक गणेश राजगोपालन और परकशनिस्ट सेल्वगनेश विनायकराम ने एक-एक ग्रैमी जीता।
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जाकिर हुसैन, राकेश चौरसिया - फोटो : social media
'शक्ति' के लिए अपने पुरस्कार के अलावा, जाकिर हुसैन ने दो अन्य पुरस्कार जीते, 'पश्तो' के लिए बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक अवार्ड और 'एज' वी स्पीक' के लिए बेस्ट कंटेम्पररी वाद्य संगीत एल्बम। विश्व के सर्वश्रेष्ठ संगीत प्रदर्शन श्रेणी में आठ लोगों के नाम शामिल थे, जिनमें 'एबंडेंस इन मिलेट्स', फालू का एक गाना, अरूज आफताब, विजय अय्यर और शहजाद इस्माइली का 'शैडो फोर्सेस' और बर्ना बॉय का 'अलोन' शामिल थे। प्रसिद्ध बांसुरीवादक हरिप्रसाद चौरसिया के भतीजे राकेश चौरसिया ने 'पश्तो' और 'एज वी स्पीक' के लिए अमेरिकी बैंजो वादक बेला फ्लेक और अमेरिकी बेसिस्ट एडगर मेयर के समूह के रूप में दो ग्रैमी जीते हैं। 

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जाकिर हुसैन - फोटो : social media
जाकिर हुसैन ने 'पश्तो' के लिए अपने पुरस्कार मिलने पर कहा, 'प्यार और संगीत के बिना हम कुछ भी नहीं हैं।' अमेरिका स्थित रिकॉर्डिंग अकादमी द्वारा आयोजित पुरस्कारों में हुसैन की यह पहली जीत नहीं है। इससे पहले उन्होंने 1991, 1996 और 2008 में कई श्रेणियों और सहयोग में भी ग्रैमी पुरस्कार जीते थे। वहीं, राकेश चौरसिया ने कहा, 'एक अलग शैली पर काम करना अनूठा और कठिन अनुभव है। मैं बहुत खुश हूं कि में  ग्रैमी अवार्ड को अपने देश में ला रहा हूं। आशा है कि में अपने काम से भारत को गौरवान्वित करता रहूंगा।'

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रिकी केज ने जीता अपना तीसरा ग्रैमी अवॉर्ड - फोटो : ANI
समारोह में शामिल हुए तीन बार के ग्रैमी विजेता रिक्की केज ने ग्रैमीज में 2024 को भारत का वर्ष कहा। बेंगलुरु के रहने वाले केज ने पिछले साल एल्बम 'डिवाइन टाइड्स' के लिए अपना तीसरा ग्रैमी जीता था। उन्होंने लिखा, 'वाह, यह वास्तव में ग्रैमीज में भारत का वर्ष है। राकेश चौरसिया, शंकर महादेवन, गणेश राजगोपालन, सेल्वगणेश विनायकराम और उस्ताद जाखिर हुसैन की सफलता से भारत वास्तव में चमक रहा है। एक ही वर्ष में पांच भारतीयों ने जीत हासिल की है।

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रिकी केज - फोटो : social media
रिक्की केज ने एक और पोस्ट साझा की है, जिसमें उन्होंने हुसैन की तिहरी जीत और चौरसिया की दोहरी उपलब्धि की सराहना की। उन्होंने कहा, 'उस्ताद जाकिर हुसैन, जीवित किंवदंती, ने एक रात में तीन ग्रैमी जीतकर इतिहास रचा। राकेश चौरसिया ने दो ग्रैमी जीता, जो भारत के लिए एक शानदार वर्ष है और मैं इसका गवाह बनने के लिए भाग्यशाली हूं।' सितार वादक रविशंकर वर्ष 1968 में ग्रैमी अवार्ड में सर्वश्रेष्ठ चैम्बर संगीत प्रदर्शन के लिए जीतने वाले भारत के पहले संगीतकार थे। तब से, जुबिन मेहता, अनुष्का शंकर, विश्व मोहन भट्ट, एल शंकर और टी एच विनायकराम सहित देश के कई संगीतकार शामिल हुए हैं, जो विभिन्न श्रेणियों में ग्रैमी प्राप्त कर चुके हैं।
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