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Shakeel Badayuni: शकील बदायूंनी ने हिंदी सिनेमा को बेहतरीन नगमों से सजाया, लिख डालीं अमर रचनाएं

Thu, 03 Aug 2023 10:13 AM IST
प्रियंका नेगी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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शकील बदायूंनी - फोटो : अमर उजाला
मशहूर शायर और गीतकार शकील बदायूंनी को भला कौन नहीं जनता। उनके फिल्मी गीत और गजलें आज भी लोगों की जुबान पर रहती हैं। उनकी कलम में वो ताकत थी जो लोगों अपनी तरफ खींच लाती। उन्होंने जब भी कलम उठा कुछ लिखा तो वह रचना अमर हो गई। 50 और 60 के दशक में उन्होंने अपना जलवा बिखेरा। शकील बदायूंनी ने अपने करियर में 'चौदहवीं का चांद', 'प्यार किया तो डरना क्या', 'न जाओ सैंया छुड़ा के बैयां कसम तुम्हारी', 'हुस्न वाले तेरा जवाब नहीं' और 'सुहानी रात ढल चुकी' समेत कई एक से बढ़कर एक हिट गाने दिए। आज उनकी बर्थ एनिवर्सरी है। इस मौके पर जानते हैं उनसे जुड़ी कुछ दिलचस्प बातें। तो चलिए शुरू करते हैं...
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शकील बदायूंनी - फोटो : सोशल मीडिया
शकील बदायूंनी का जन्म 3 अगस्त 1916 को उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुआ था। पढ़ाई करने के लिए वे यूपी के अलीगढ़ गए और अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की। एएमयू से निकलने के बाद शकील बदायूंनी ने दिल्ली में सप्लाई ऑफिसर के तौर पर नौकरी शुरू की। मगर, उन्हें तो धुन सवाल थी फिल्मी गीत लिखने की। लिहाजा, उन्होंने अपनी नौकरी छोड़ दी और वर्ष 1944 में मुंबई चले गए। बता दें कि शकील बदायूंनी का असली नाम शकील अहमद था। मगर, बदायूं से होने के चलते उन्होंने उपनाम के तौर पर बदायूंनी लगाना शुरू किया और इस तरह वे शकील बदायूंनी बन गए।
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शकील बदायूंनी - फोटो : सोशल मीडिया
मुंबई पहुंचकर शकील बदायूंनी की मुलाकात फिल्म निर्माता-निर्देशक ए आर करदार से हुई। उन्होंने ही बदायूंनी को संगीतकार नौशाद साहब से मिलवाया और इसके बाद तो उनकी किस्मत खुल गई। बता दें कि शकील बदायूंनी और नौशाद साहब की जोड़ी बॉलीवुड की मशहूर गीतकार और संगीतकार जोड़ियों में शुमार रही। दोनों ने न सिर्फ कई फिल्मों के लिए सुपरहिट गाने दिए, बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी इनकी दोस्ती काफी गहरी थी। 

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शकील बदायूंनी - फोटो : सोशल मीडिया
नौशाद साहब की शकील बदायूंनी से पहली मुलाकात काफी दिलचस्प थी। दरअसल इस दौरान नौशाद साहब ने शकील बदायूंनी से कुछ लिखने को कहा था। उन्होंने लिखा, 'हमदर्द का अफसाना, दुनिया को सुना देंगे, हर दिल में मोहब्बत की हम आग लगा देंगे...'। शकील साहब के इस गाने से नौशाद साहब बेहद प्रभावित हुए।
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शकील बदायूंनी - फोटो : सोशल मीडिया
नौशाद के साथ शकील साहब ने पहली बार फिल्म 'दर्द' के लिए गीत लिखे, जो सुपरहिट हुए। इसके बाद नौशाद साहब ने 'दर्द', 'दीदार', 'बैजू बावरा', 'मदर इंडिया', 'मुगल-ए-आजम', 'गंगा जमुना' और 'मेरे मेहबूब' समेत कई फिल्मों के लिए बदायूंनी से गाने लिखवाए। बॉलीवुड को कई शानदार गाने देने वाला यह गीतकार 20 अप्रैल 1970 को दुनिया छोड़कर गया। मगर शकील साहब के गाने आज भी खूब चाव से सुने जाते हैं।

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