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क्रिकेट मैच देखते हुए गई इस अभिनेता की जान, साइड रोल निभाकर भी हुआ हीरो की तरफ फेमस

Sun, 18 Oct 2020 07:23 AM IST
Mishra Mishra एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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शफी इनामदार - फोटो : फाइल
बॉलीवुड में ऐसे कई कलाकार हुए जिन्होंने मुख्य भूमिका न निभाते हुए भी दर्शकों पर अपनी छाप छोड़ी। वो जिस किरदार में दर्शकों के सामने आए बस उसी किरदार के होकर रह गए। ऐसे ही एक कलाकार थे शफी इनामदार। उन्होंने धारावाहिकों से लेकर फिल्मों तक में यादगार भूमिकाएं निभाईं। 23 अक्टूबर 1945 को उनका जन्म महाराष्ट्र में हुआ था।
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शफी इनामदार - फोटो : ट्विटर
शफी इनामदार ने साल 1982 में 'विजेता' फिल्म से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। 1983 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म 'अर्ध सत्य' में उन्होंने इंस्पेक्टर हैदर अली का किरदार निभाया। इस फिल्म में उनका अभिनय खूब सराहा गया और इसके बाद वो सफलता की सीढ़ियां चढ़ते गए।
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शफी इनामदार - फोटो : ट्विटर
 शफी इनामदार फिल्म 'आज की आवाज' में पुलिसवाले बने तो 'आवाम' में खलनायक, 'नजराना', 'अनोखा रिश्ता' और 'अमृत' में वो हीरो के दोस्त के किरदार में नजर आए। यही शफी की खास बात थी कि वो हर किरदार में ऐसे फिट हो जाते कि देखकर लगता कि उनसे बेहतर इस रोल को कोई और निभा ही नहीं सकता।

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शफी इनामदार - फोटो : ट्विटर
फिल्मों में हुनर दिखाने के साथ-साथ टेलीविजन पर  शफी इनामदार छाए रहे। चर्चित धारावाहिक 'ये जो है जिंदगी' में उन्होंने दमदार किरदार निभाया। इसके अलावा वे गुलजार के सीरियल गालिब में भी एक अहम रोल प्ले करते नजर आए थे। अभिनय के अलावा शफी ने एक फिल्म का भी निर्देशन किया। इसका नाम था हम दोनों। फिल्म में ऋषि कपूर, नाना पाटेकर और पूजा भट्ट मुख्य भूमिका में थे। ये फिल्म हिट रही और शफी को अच्छे निर्देशक के तौर पर भी पहचान मिल गई।
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शफी इनामदार - फोटो : ट्विटर
13 मार्च साल 1996 को भारत और श्रीलंका के बीच क्रिकेट वर्ल्ड कप सेमीफाइन मुकाबले को देखते समय  शफी इनामदार को हार्ट अटैक आ गया। और 50 साल की उम्र में वो दुनिया को अलविदा कह गए।
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