रानी मुखर्जी
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फिर बात बनी कैसे? इस सवाल के बारे में रानी ने जो खुलासा किया, वह एक कलाकार और एक निर्देशक के रिश्ते की आपसी समझ को भी सलाम है। रानी बताती हैं, “संजय ने मुझसे वादा किया था कि इस किरदार को निभाने के लिए जो कुछ भी मदद मुझे लगेगी, वह करने में पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने अपना वादा निभाया और मुझे छह महीने तक वाकई कड़ी ट्रेनिंग करवाई और इशारों से बात करने वाली भाषा भी सिखवाई। इस पूरे प्रशिक्षण के दौरान दिव्यांग लोगों के साथ मेरा संवाद संकेत भाषा में ही चलता रहा। इन कसौटियों से गुजरकर ही मैं मिशेल के किरदार में खुद को ढाल पाई।”