संजय गढवी
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गर्भ में सीखा सिनेमा का चक्रव्यूह
मेरे पिता मनुभाई गढ़वी गुजराती लोक साहित्यकार, निर्माता निर्देशक, गीतकार, कवि, स्तंभकार, रामायण कथा वाचक, श्रीमद् भागवत कथा वाचक, जैन कथा वाचक रहे हैं। उन्होंने 1966 में एक गुजराती फिल्म 'कसुम बिनो रंग' बनाई थी जिसमें संगीत कल्याणजी आनंदजी का था और लता मंगेशकर ने गीत गाया था। उस फिल्म के प्रीमियर में मैं अपनी मम्मी लीला गढ़वी के पेट में था। फिल्म का शौक मुझे वहीं से मिला। ये मेरे डीएनए में है। मेरी मम्मी को हिंदी सिनेमा देखने का बहुत शौक था हालांकि जब मैं पैदा हुआ तो एक साल तक उन्होंने कोई फिल्म नहीं देखी वरना वह हर फिल्म अपनी सहेली के साथ फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखती थीं।