सआदत हसन मंटो को उर्दू जुबान के मशहूर अफसानानिगारों में शामिल किया जाता है। उनकी कहानियों की जितनी चर्चा होती है उतनी ही बात उनकी निजी जिंदगी की भी होती है। मंटो का जन्म 11 मई 1912 में अविभाजित हिंदुस्तान के लुधियाना हुआ था। अपने छोटे से जीवनकाल में उन्होंने 22 लघु कथा संग्रह, एक नॉवेल, पांच रेडियो नाटक संग्रह और रचनाओं के तीन संग्रह व व्यक्तिगत रेखाचित्र के तीन संग्रह प्रकाशित किए थे।मंटो अपने समय से आगे के कहानीकार थे। बेहद कम उम्र में ही उन्होंने कहानियां लिखनी शुरू कर दी थी। अक्सर उनकी कहानियों पर अश्लीलता के आरोप लगते, जिसकी वजह से उन्हें कई बार मुकदमों का भी सामना करना पड़ा था। हालांकि कई उन पर एक भी मामला साबित न हो सका। आइए आज आपको मंटो की उन कहानियों के बारे में बताते हैं, जिन पर ये मुकदमे चलाए गए थे।
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