शबाना आजमी
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जोया अख्तर की फिल्म का उदाहरण देते हुए शबाना आजमी ने कहा कि इसकी सेटिंग को देखते हुए, 'गली बॉय' भी गालियों का सहारा ले सकती थी, लेकिन एक निर्देशक-लेखक के रूप में उन्होंने एक ऐसी दुनिया बनाने का फैसला किया, जहां चीजों को बिना बताए बताया जाए। यह प्रभावी हो सकता है पर ग्राफिक नहीं। यदि आप वास्तव में इसे नहीं देख रहे हैं, तो यह अधिक तनावपूर्ण हो सकता है।