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मुंबई के एक मध्यमवर्गीय परिवार से निकलकर आप अमेरिका पहुंच गए, फिल्म मेकिंग का शौक कब जगा?
मेरा कोई बैकग्राउंड फिल्म इंडस्ट्री से नहीं है। जब मैंने 'लंचबॉक्स' लिखी तब चार साल तक केवल ये सीखा कि फिल्म कैसे बनाई जा सकती है। हां, लिखने का शौक बचपन से ही था। सिनेमा के लिए बैकग्राउंड नहीं कहानी कहने की कला जरूरी है। मैं बचपन से कहानियां पढ़ता रहा हूं और अपने अंदर से भी कहानियां बनाता हूं। 80 और 90 के दशक में अमीर लड़की, गरीब लड़के के प्यार पर बनी फिल्मों को देख-देखकर मैं बड़ा हुआ हूं। फोटोग्राफ फिल्म की कहानी मेरी इन्हीं यादों से निकली है। ये एक फोटोग्राफर और एक सीए स्टूडेंट की लव स्टोरी है।