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यादों में री'मां': रीमा लागू के निभाए वो पांच दमदार किरदार जिन्होंने गढ़ी मां की अनूठी परिभाषा

Mon, 21 Jun 2021 10:23 AM IST
विजयाश्री गौर एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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रीमा लागू - फोटो : सोशल मीडिया
21 जून 1958 को जन्मीं रीमा लागू आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके निभाए किरदार आज भी हमारी यादों में जिंदा हैं। रीमा लागू ने अपने अभिनय का जादू बड़े पर्द के साथ साथ छोटे पर्दे पर भी खूब चलाया था। उन्होंने अपने अभिनय से साबित किया था कि वो हास्य और गंभीर हर तरह के किरदार निभाने में सक्षम हैं। हालांकि पर्दे पर उनका मां का स्वरूप सबसे ज्यादा पसंद किया गया। वो पर्दे पर मां के उस रूप में नजर आती थीं जिसे देखने वाले को अपनी मां याद आ जाए। वही सादगी, वही भोलापन और वही अपने बच्चों के लिए दुनिया समाज से लड़ जाने वाला अक्खड़पन। हर मां में यही गुण होते हैं जो रीमा अपने किरदार में जीती थीं। रीमा लागू ने अपने करियर की शुरुआत मराठी सिनेमा से की थी।

रीमा के निभाए यादगार किरदार

कई सालों तक उन्होंने मराठी थिएटर में काम किया जिसके बाद उनकी एंट्री बॉलीवुड और मराठी फिल्मों में हुई। रीमा 59 साल की उम्र में 18 मई 2017 को हमेशा हमेशा के लिए इस दुनिया से चली गईं। रीमा ने पर्दे पर मां के बहुत से रूप दिखाए हैं, लेकिन उनके जन्मदिन के मौके पर आपको बताते हैं उनके निभाए पांच सबसे दमदार किरदार।
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मैंने प्यार किया - फोटो : सोशल मीडिया
मैंने प्यार किया

साल 1989 में आई फिल्म 'मैंने प्यार किया' में रीमा ने सलमान की मां का किरदार निभाया था। उन्होंने फिल्म में एक ऐसे लड़के की मां का किरदार निभाया था जो उसके दिल का हाल समझती हैं और जानती है कि उनका बेटा सही है। वो अपनी होने वाली बहू को बहू की तरह नहीं बल्कि बेटी की तरह मानती हैं। फिल्म में उनके प्यारे से किरदार को बहुत पसंद किया गया था।
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हम आपके हैं कौन - फोटो : सोशल मीडिया
हम आपके हैं कौन

1994 में रिलीज हुई फिल्म 'हम आपके हैं कौन' में रीमा ने रेणुका शहाणे और माधुरी दीक्षित की मां का किरदार निभाया था। इस फिल्म में उनकी बड़ी बेटी का किरदार निभाने वाली रेणुका यानि पूजा की मौत हो जाती है। अपनी बेटी को खो चुकी मां किस दुख में जी रही है उसका अंदाजा कोई भी नहीं लगा सकता है। वो अपने परिवार को बांध कर रखती हैं। फिल्म में उनकी जबरदस्त अदायगी सबको पसंद आई थी।

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कुछ कुछ होता है - फोटो : सोशल मीडिया
कुछ कुछ होता है

1998 में आई फिल्म 'कुछ कुछ होता है' में रीमा लागू ने काजोल की मां का किरदार निभाया था। इस फिल्म में उन्होंने उस मां का किरदार निभाया था जो अपनी बेटी के पहले प्यार के ना मिल पाने के दर्द को समझती हैं। वो अपनी बेटी से कहती हैं, 'जो घर प्यार नहीं बल्कि समझौते की नींव पर बना हो वो घर नहीं होता बेटी मकान होता है'। इसके साथ उन्होंने सीख दी की जीवन में प्यार का होना बहुत जरूरी है।
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हम साथ साथ हैं - फोटो : सोशल मीडिया
हम साथ साथ हैं

1999 में रिलीज हुई फिल्म 'हम साथ साथ हैं' में रीमा लागू ने चार बच्चों की मां का किरदार निभाया था। इस फिल्म में भी वो सलमान की मां बनीं थीं। इस फिल्म में उन्होंने एक ऐसी मां का किरदार निभाया था जो अपने सौतेले बेटे विवेक से भी प्यार करती हैं, लेकिन समाज के बहकावे में आकर उसे उसके हक से अलग कर देती है। बाद में जब उन्हें अपनी गलती का एहसास होता है तो वो अपने बेटे-बहू और पोते को घर ले आती हैं। इस किरदार के जरिए उन्होंने बताया था कि मां अपने बच्चों से बहुत प्यार करती है, लेकिन ऐसा भी हो सकता है कि कभी मां भी गलत हो।
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संजय दत्त, रीमा लागू - फोटो : सोशल मीडिया
वास्तव

संजय दत्त की सबसे दमदार परफॉरमेंस में से एक फिल्म 'वास्तव' में रीमा लागू ने बेहद ही शानदार किरदार निभाया था। फिल्म में दिखाया गया था कि अंत में रीमा अपने बेटे(संजय) को गोली मार देती है। एक मां के लिए ऐसा कदम उठाना आसान नहीं होता है लेकिन इस किरदार से उन्होंने बताया था कि एक मां अपने सीने पर पत्थर रख कर अपने बेटे के डर को दूर करने के लिए उसे मुक्ति भी दे सकती है।
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