ravindra jain
इसके बाद चोर मचाए शोर, चितचोर, तपस्या, दुल्हन वही जो पिया मन भाए, अंखियों के झरोखों से, राम तेरी गंगा मैली, हिना, इंसाफ का तराजू, प्रतिशोध आदि फिल्मों में संगीत देकर चलचित्र जगत में वह छा गए। फिल्मों में उनके संगीतबद्ध एक से एक गीत लोकप्रिय हुए, जैसे. गीत गाता चल ओ साथी गुनगुनाता चल, घुंघरू की तरह बजता ही रहा हूं मैं, जब दीप जले आना, ले जाएंगे ले जाएंगे दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे, ले तो आए हो हमें सपनों के गांव में, ठंडे-ठंडे पानी से नहाना चाहिए, एक राधा एक मीरा, अंखियों के झरोखों से मैंने जो देखा सांवरे, सजना है मुझे सजना के लिए, हर हसीं चीज का मैं तलबगार हूं, श्याम तेरी बंसी पुकारे राधा नाम, कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया, सुन सायबा सुन प्यार की धुन आदि।