इस साल रिलीज हुई रणवीर सिंह और आलिया भट्ट की फिल्म 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' का क्रेज यूं तो दर्शकों के सिर से उतर चुका है। लेकिन करण जौहर निर्देशित फिल्म की चर्चा खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। इस फिल्म से करण जौहर पूरे सात के ब्रेक के बाद निर्देशक की कुर्सी पर बैठे नजर आए थे। अब करण ने हिंदी सिनेमा पर अपनी राय रखते हुए बताया है कि पहले के मुकाबले सिनेमा में काफी बदलाव आया है।
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करण जौहर
- फोटो : सोशल मीडिया
हाल ही में, एक इंटरव्यू में करण ने सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग और सिनेमा के बदलते रूपों पर चर्चा करते हुए बताया कि अब दर्शक सिनेमाघरों में किस तरह की फिल्में देखना पसंद करते हैं। निर्माता ने साथ ही में यह भी खुलासा किया कि उन्होंने निर्देशक की कुर्सी पर वापस लौटने के लिए सात साल का लंबा समय क्यों लिया था।
करण ने कहा, ‘हमारी इंडस्ट्री का माहौल काफी अशांत रहा है और मैंने सात साल से कोई फिल्म निर्देशित नहीं की है। साथ ही, पिछले तीन साल मेरे या इंडस्ट्री के लिए आसान नहीं थे। मैंने बहुत कुछ छुपाया था क्योंकि मैं न केवल अपने परिवार के लिए बल्कि अपनी कंपनी के लिए भी नॉर्मल दिखना चाहता था। इसलिए जब फिल्म के रिलीज की डेट नजदीक आ रही थी तो मैं काफी घबरा गया था। हालांकि, हमें सफलता और असफलता दोनों के पूरी तरह स्वीकार करना चाहिए।’
हिंदी सिनेमा पर अपनी राय रखते हुए करण ने कहा, ‘बॉलीवुड के लिए पहले भी कुछ साल बुरे थे और शायद आने वाले कुछ साल भी बुरे हो सकते हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि दर्शक बॉलीवुड का बहिष्कार कर दें। यह कहना कि बॉलीवुड अब मर चुका है और साउथ ने उसपर कब्जा कर लिया है काफी गलत होगा। हिंदी सिनेमा अब निरंतर विकास कर रहा है और ऐसे में हर इंडस्ट्री दर्शकों को कुछ नया और हटकर देना चाहती है।’
करण ने आगे कहा कि ‘गदर 2’, ‘पठान’, ‘ओएमजी 2’ और ‘जेलर’ ने बॉक्स ऑफिस पर काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। उम्मीद है कि भविष्य में इससे भी अधिक अच्छी फिल्में हम हर साल ऑडियंस को देंगे।