फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजू सपते आत्महत्या मामला: अब उठेगा पूरी साजिश से परदा, गृहमंत्री पाटिल तक पहुंचा ‘दबंगों’ का मामला

विज्ञापन
1 of 7
राजू सपते - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

वरिष्ठ कला निर्देशक राजू सपते की आत्महत्या के कारणों की जांच को लेकर महाराष्ट्र का गृह विभाग सक्रिय हो गया है। राजू सपते ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड कर फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (एफडब्लूआईसीई) के कुछ नेताओं पर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया था। अरसे तक हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के निर्माताओं, निर्देशकों व अन्य तकनीशियनों और कलाकारों को अपने प्रभाव में रखने वाली संस्था एफडब्लूआईसीई के कथित मनमानी का मुकाबला करने के लिए अब मुंबई में एक दूसरी संस्था ऑल इंडिया सिने वर्कर्स यूनियन (एआईसीडब्लूए) ने कमर कसी है।

विज्ञापन

2 of 7
फिल्म की शूटिंग - फोटो : अमर उजाला, मुंबई

करोड़ों के घोटाले से जुड़े तार

एआईसीडब्लूए ने राजू सपते की आत्महत्या और इसके पीछे के कारणों की जांच के अलावा सिने कामगारों की मदद के नाम पर इकट्ठा किए गए करोड़ों रुपये के चंदे को कथित रूप से गायब कर दिए जाने की भी जांच कराने की मांग महाराष्ट्र सरकार से की है। एआईसीडब्लूए के एक प्रतिनिधिमंडल ने इसी बाबत राज्य के गृह मंत्री दिलीप वलसे पाटिल और गृहराज्यमंत्री सतेज पाटिल से मुलाकात भी की। प्रतिनिधिमंडल ने गृहमंत्री को ये जानकारी भी दी कि फेडरेशन के ‘आतंक’ के चलते ही तमाम हिंदी फिल्म, टीवी व सीरीज निर्माता दूसरे शहरों व राज्यों का रुख कर रहे हैं।

विज्ञापन

3 of 7
फिल्म की शूटिंग - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
सबसे बड़ी संस्था के दावे में ‘झोल’
 
मुंबई फिल्म इंडस्ट्री की सबसे बड़ी संस्था होने का दावा करने वाली फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (एफडब्लूआईसीई) के पदाधिकारी अपने सदस्यों की कुल संख्या लाखों में बताते रहे हैं। लेकिन, पिछले साल जब कोरोना के चलते लॉकडाउन लगा और निर्माता व अभिनेता सलमान खान ने इन कर्मचारियों को नकद धन की व्यवस्था करने के लिए इन सदस्यों की जानकारी इनके खाता नंबर सहित मांगी तो फेडरेशन 50 हजार लोगों के नाम भी नहीं दे सकी। ये सिलसिला इस साल भी दोहराया गया। इससे पहले फेडरेशन के खिलाफ भारत सरकार के प्रतिस्पर्धा आयोग में भी मामला गया और वहां से भी फेडरेशन को साफ निर्देश मिले कि वह किसी भी शूटिंग में व्यवधान नहीं डालेंगे। पर हालात जमीन पर वैसे के वैसी ही रहे। राजनीतिक संरक्षण के चलते फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (एफडब्लूआईसीई) ने दशकों से हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपना दबदबा बनाकर रखा है।

4 of 7
पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करते एआईसीडब्लूए के पदाधिकारी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
गृह विभाग जुटाएगा जानकारी
लेकिन, अब ये मामला हद से बाहर निकलता दिखा तो महाराष्ट्र सरकार ने इसके बारे में सूचना इकट्ठा करनी शुरू की है। मराठी फिल्म इंडस्ट्री का बड़ा नाम रहे कला निर्देशक राजू सपते की आत्महत्या के मामले ने पूरे राज्य में खासतौर से महाराष्ट्र की सियासत से जुड़े लोगों का ध्यान इस तरफ खींचा है। एफडब्लूआईसीई में अरसे से एक ही गुट ये संस्था चलाता रहा है। इसकी सदस्य संस्थाओं में से इंडियन फिल्म एंड टीवी डायरेक्टर्स एसोसिएशन ने भी बीते साल अपने बाईलॉज में बदलाव करके लगातार किसी भी व्यक्ति के पदाधिकारी बने रहने पर लगी रोक को हटा दिया है। इंडियन फिल्म एंड टीवी डायरेक्टर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक पंडित ही एफडब्लूआईसीई का भी चेहरा हैं और उन्हीं के संरक्षण में फेडरेशन की सारी बैठकों का एजेंडा बनता रहा है।
विज्ञापन

5 of 7
पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करते एआईसीडब्लूए के पदाधिकारी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
एआईसीडब्लूए ने खोला मोर्चा
फिल्म इंडस्ट्री के एक वरिष्ठ कला निर्देशक को काम न करने देने की साजिश रचकर उन्हें पैसे के लिए तबाह कर देने और फिर उन्हें आत्महत्या करने तक के लिए मजबूर कर देने का ये मामला महाराष्ट्र की सियासत में काफी हलचल मचाने वाला है। ये मामला विधानसभा में भी उठ चुका है। इसी के बाद महाराष्ट्र के गृह विभाग ने इसमें दखल दिया। गृहमंत्री दिलीप वलसे पाटिल से मुलाकात के बाद ऑल इंडिया सिने वर्कर्स यूनियन (एआईसीडब्लूए) के अध्यक्ष सुरेश श्यामलाल गुप्ता ने बताया कि वह और उनकी संस्था राजू सपते की शहादत को बेकार नहीं जाने देगी। 
विज्ञापन

6 of 7
पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करते एआईसीडब्लूए के पदाधिकारी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
गृहमंत्री से मिला प्रतिनिधिमंडल
एआईसीडब्लूए के अध्यक्ष सुरेश गुप्ता बताते हैं कि ये मामला बहुत ही संगीन है। गृह मंत्री को इस बारे में सारे तथ्य जुटाकर दिए गए हैं और उन्हें बताया गया कि ये करोड़ों के घोटाले का भी मामला है। कर्मचारियों की मदद के नाम पर इकट्ठा की गई 40 करोड़ की रकम के इन लोगों ने वारे न्यारे कर दिए हैं। उन्होंने माना कि फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (एफडब्लूआईसीई) को राजनीतिक संरक्षण हासिल है और इसीलिए पुलिस इनके खिलाफ कार्रवाई करने से घबराती है। गुप्ता के मुताबिक उन्होंने गृहमंत्री को उन लोगों के नाम बताए हैं जो फिल्म इंडस्ट्री में आतंक फैलाकर वसूली करने का धंधा चला रहे हैं और ईमानदार लोगों को काम करने से रोक रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों से मुलाकात करते एआईसीडब्लूए के पदाधिकारी - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
अब तक 10 दिन
गौरतलब है कि ‘राजधानी एक्सप्रेस’, ‘मान्या द वंडर बॉय जैसी फिल्मों के कला निर्देशक राजू (राजेश) साप्ते ने 3 जुलाई को आत्महत्या कर ली थी। आत्महत्या करने से पहले एक वीडियो में उन्होंने आत्महत्या करने की वजह भी बताई। इस वीडियो में उन्होंने लेबर यूनियन से जुड़े राकेश मौर्य पर कई गंभीर आरोप लगाए। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें