राजीव कपूर और मंदाकिनी
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राजीव कपूर के चाहने के बावजूद राज कपूर ने ऐसा नहीं किया और राजीव को राज कपूर ने एक असिस्टेंट के तौर पर रखा। वो उनसे यूनिट का वह सारा काम कराते जो एक स्पॉटब्वॉय और असिस्टेंट करता था। 'राम तेरी गंगा मैली' के बाद राजीव कपूर 'लवर ब्वॉय', 'अंगारे', 'जलजला', 'शुक्रिया', 'हम तो चले परदेस' जैसी फिल्मों में दिखे तो पर उनकी फिल्में चली नहीं। ये फिल्में आरके बैनर की नहीं थीं। कहा जाता है कि पिता के व्यवहार से राजीव इतने आहत हो गए थे कि जब राज कपूर का निधन हुआ तो राजीव कपूर उनके अंतिम संस्कार तक में नहीं गए थे।