अमृत
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अमृत (1986)
लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल की जोड़ी के प्यारेलाल ने एक साक्षात्कार में कहा कि "राजेश खन्ना हमारे लिए हम उनके लिए भाग्यशाली भी थे। 1969 की फिल्म दो रास्ते से लेकर 1986 की फिल्म अमृत तक, हमने फिल्मों और संगीत दोनों को हिट किया। जब हम 1984 में अपने पहले विदेशी संगीत कार्यक्रम में गए, तो राजेश खन्ना ने आकर तीन गानों पर डांस किया। वह अपने संगीत को लेकर बहुत सजग थे। अगर वह एक गीत का आकलन नहीं कर पाते थे, तो उस गाने की एक टेप अपने घर ले जाते थे। उसके एक या दो दिन के बाद वह गाने को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते थे। अगर उन्हें ऐसे ही बैठे हुए कोई गाना पसंद आ जाता था तो वह सराहना में जोर से "वाह!" वाह! चिल्लाते थे। यह भगवान का आशीर्वाद ही था कि हमने उनके लिए हिट गीतों की एक बड़ी सीरीज उनको दे पाए। इसमें उनके खुद के निर्माण में बनी फिल्म रोटी, सच्चा झूठा, छैला बाबू, चक्रव्यूह, फिफ्टी फिफ्टी और अमर दीप जैसी फिल्में शामिल हैं। संयोग से, उनकी फिल्म महबूब की मेहंदी में भी हमारी हिस्सेदारी थी।'