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नंबी नारायणन को देश में क्रायोजेनिक रॉकेट इंजन का भी भीष्म पितामह माना जाता है। लेकिन, पहली बार जब उन्होंने इस तकनीक में कामयाबी हासिल की, तभी साजिशन उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और उन पर रॉकेट तकनीक देश से बाहर ले जाने और दूसरे देशों के लिए जासूसी करने का भी आरोप लगा। बाद में सीबीआई जांच में वह दोषमुक्त हुए और इस साजिश में शामिल लोगों को सजा दिलाने के लिए नंबी नारायणन ने सुप्रीम कोर्ट तक में लड़ाई लड़ी।