एलजीबीटीक्यू यानि लेस्बियन, गे, बाइसेक्सुअल, ट्रांसजेंडर और क्वीर, बिरादरी के साथ समर्थन दिखाने के लिए हर साल जून माह को पूरी दुनिया में प्राइड मंथ के तौर पर मनाया जाता है। कभी हिंदी सिनेमा में इस विषय को टैबू माना जाता था और जब दीपा मेहता की फिल्म ‘फायर’ में पहली बार दो वयस्क महिलाओं का आपसी रोमांस दिखाया गया तो इसका जबर्दस्त विरोध हुआ। समलैंगिकों को लेकर हाल के दिनों में न सिर्फ जमाने और अदालतों की सोच बदली है बल्कि सिने दर्शकों ने भी इसे अपनाना शुरू कर दिया है, बशर्ते कि इस तरह के दृश्य कहानी में जबरन न थोपे गए हों। आइए जानते हैं ऐसी ही कुछ हिंदी फिल्मों के बारे में..