सिनेमा बनाने में दुनिया में नंबर वन देश भारत में सबसे ज्यादा हिंदी फिल्में देखी जाती हैं। लेकिन, उनका कारोबार चीन, दक्षिण कोरिया और हॉलीवुड में बनी फिल्मों की तुलना में कहीं नहीं है। तमिल, तेलुगू, मलयालम, कन्नड़ और दूसरी भाषाओं की फिल्में भी प्रति सिनेमाघर के औसत से कमाई करने में हिंदी फिल्मों से आगे निकल रही हैं। इन सभी भाषाओं की फिल्मों में कलाकारों और उनके तकनीशियनों के नाम क्रमश: चीनी, कोरियाई, अंग्रेजी और संबंधित भाषाओं में ही होते हैं, बस हिंदी को छोड़कर। आज विश्व हिंदी दिवस है। और, इस मौके पर केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी इस पर क्या कहते हैं, ये हमने जानने की कोशिश की।