मनोहर श्याम जोशी
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मनोहर श्याम जोशी का नाम हिंदी सिनेमा और टेलीविजन में बड़े अदब से लिया जाता है। उन्होंने फिल्मों की पटकथा लिखने की विधा दूसरों को सिखाने की कोशिश भी अपनी एक किताब में की है। ये अलग बात है कि जितने हिट उनके लिखे टीवी सीरियल ‘हम लोग’, ‘बुनियाद’, ‘कक्काजी कहिन’ या ‘मुंगेरी लाल के हसीन सपने’ रहे, उतनी हिट उनकी लिखी फिल्में न हो पाईं। फिल्म लेखन में वह आए भी काफी देर से। मिथुन चक्रवर्ती स्टारर फिल्म ‘भ्रष्टाचार’ उनकी ही लिखी हुई फिल्म है, इस फिल्म को ‘शोले’ जैसी कालजयी फिल्म बनाने वाले निर्देशक रमेश सिप्पी ने निर्देशित किया। ‘भ्रष्टाचार’ के बाद मनोहर श्याम जोशी ने जो फिल्म लिखी थी, वह है, ‘पापा कहते हैं’। इन दोनों फिल्मों के बाद कमल हासन की नजर उन पर पड़ी और उनके काम को ‘अप्पू राजा’ और ‘हे राम’ में काफी तारीफें भी मिलीं। लेखन, संपादन और सृजन का लंबा सिलसिला रखने वाले मनोहर श्याम जोशी की फिल्म ‘पापा कहते हैं’ उस दौर में बनी, जिस दौर में आमिर खान फिल्म ‘राजा हिंदुस्तानी’ से देश के युवाओं को अपना दीवाना बना रहे थे।