आर्यन खान
इस मामले में मुख्य रूप से जांच कर रहे अधिकारी वानखेड़े की कार्यशैली पर भी बाद में कई सवाल उठाए गए थे। जांच टीम का कहना था कि छापे के दौरान अनियमितता बरती गई थी और उस दौरान कोई वीडियो रिकॉर्डिंग नहीं की गई थी। जज ने भी इस मामले टिप्पणी करते हुए कहा था कि आर्यन खान, अरबाज मर्चेंट और मुनमुन धनेचा शिप पर थे, सिर्फ इसलिए उन्हें इस रैकेट का हिस्सा नहीं माना जा सकता है। पुख्ता सबूत न मिलने के कारण आर्यन आर्यन खान को इस मामले में जमानत दे दी थी।