बॉलीवुड के कुछ ही कलाकार ऐसे रहे हैं जिन्हें दुनिया ने उनके असली नाम से नहीं बल्कि उनके किरदार से उन्हें पहचाना है। 'भई मूछें हों तो नत्थूलाल जैसी हों वरना ना हो..., 'तैय्यब अली प्यार का दुश्मन हाय हाय...', 'मन्नु भाई मोटर चली पम पम पम.., इन सारे गानों और संवादों में जिस नत्थूलाल, मन्नुभाई और तैय्यब अली की बात की जा रही है वो थे हास्य अभिनेता मुकरी। अभिनेता अपने असली नाम से ज्यादा इन्हीं किरदारों के नाम से जाने गए। चार फुट के गोल मटोल मुकरी के चेहरे पर जो मासूमियत थी वो लोगों का दिल लूट लेती थी। पर्दे पर वो कभी मुख्य भूमिका में नजर नहीं आए, लेकिन उनके बिना फिल्म की कहानी भी हमेशा अधूरी मानी गई। उनकी भूमिका चाहे छोटी ही क्यों ना हों, उन्होंने दर्शकों को हंसाने में कोई कंजूसी नहीं बरती। तो चलिए आज आपको बताते हैं कैसे हुई थी मुकरी की फिल्मों में एंट्री।