Prateik Babbar
प्रतीक बब्बर ने आगे कहा कि 'मुझे हर किसी से नफरत हो गई थी। परिवार, दोस्त, काम, दुनिया हर किसी से। उस दौरान मैंने अपने आप को खो दिया। मैं अपने हालात को स्वीकार नहीं कर पाया। मेरे पिता से बनती नहीं थी। वह मेरी कई बातें टाल जाते थे और मुझसे नाराज रहते थे। अपने बारे में मैं उन्हें सारी बातें बताता था, इसके बावजूद ये होता गया।