मुलायम सिंह यादव अपनी पहली पत्नी मालती देवी के साथ।
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मुलायम को राजनेता नहीं पहलवान बनाना चाहते थे पिता
फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे उनके गुरु डॉ राममनोहर लोहिया का उद्धरण "ज़िंदा कौम पांच साल तक इंतजार नहीं करती" उनका मंत्र बन गया और वह देश के सबसे सफल राजनीतिक नेताओं में से एक बन गए। फिल्म की शुरुआत में दिखाया गया है कि साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले मुलायम सिंह यादव के पिता चाहते थे कि मुलायम सिंह पहलवान बने। लेकिन, उनकी किस्मत में कुछ और ही बनना लिखा था। यही कारण है कि एक कुश्ती प्रतियोगिता के दौरान उनकी मुलाकात स्थानीय राजनीतिक नेता नथ्थुराम से हुई, जिन्होंने उन्हें राजनीति में प्रवेश करने का पहला मौका दिया था।