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16 साल में बनी मुगल-ए-आजम, पानी की तरह बहा पैसा, बजट सुनते ही हिल गया था बॉलीवुड

Sun, 28 Feb 2021 12:27 AM IST
स्वाति सिंह एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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mughal-e-azam - फोटो : social media
हिंदी सिनेमा की सबसे पहली शानदार और महंगी फिल्म बनाने वाले करीमुद्दीन आसिफ (के आसिफ) ने उस जमाने में अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था। 'मुगल-ए-आजम' को बनाने में 14 साल लग गए और इस फिल्म की लागत तकरीबन 1.5 करोड़ बताई जाती है जो उस समय के हिसाब से बहुत ज्यादा मानी जाती है। 'मुगल-ए-आजम' फिल्म है 1960 में प्रदर्शित हुई थी। यह फिल्म हिन्दी सिनेमा इतिहास की सफलतम फिल्मों में से एक है। के आसिफ के शानदार निर्देशन, भव्य सेटों, बेहतरीन संगीत के लिये आज भी याद किया जाता है।
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मुगल-ए-आजम - फोटो : सोशल मीडिया
के आसिफ का पूरा नाम करीमुद्दीन आसिफ था। उनका जन्म 14 जून 1922 को हुआ था और 9 मार्च 1971 को वह इस दुनिया से रुख्सत हो गए। अपने जीवन काल में उन्होंने भारतीय सिनेमा की एतिहासिक फिल्म मुगल-ए-आजम बनायी जिसने फिल्म इंडस्ट्री का एक पायदान निर्धारित कर दिया। इस फिल्म ने हिंदी फ़िल्म इंडस्ट्री के कई लोगों को प्रभावित किया। इस फिल्म का स्टारडम इस कदर बढ़ा कि दिलीप कुमार सुपरस्टार बन गए। यह फिल्म दिलीप कुमार के करियर की एतिहासिक फिल्म साबित हुई। फिल्म में दिलीप कुमार, मधुबाला और पृथ्वीराज कपूर के किरदार आज भी क्लासिक माने जाते हैं।
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मुगल-ए-आजम - फोटो : सोशल मीडिया
करोड़ों में बना था फिल्म का सेटअप 
के आसिफ के कुशल निर्देशन में बनी फिल्म मुगल-ए-आजम के सेटअप पर उस जमाने में करोड़ो खर्च किए गए थे। कहा जाता है कि भारी बजट खर्च करने की वजह से डायरेक्टर की आर्थिक स्थिति काफी बिगड़ गयी थी। जिससे वे तनाव में रहने लगे थे। अपनी जरूरतें पूरी करने के लिए भी उन्हें लोगों से उधार मांगना पड़ता था। 

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मुगल-ए-आजम - फोटो : सोशल मीडिया
दिलीप कुमार के बहनोई थे के आसिफ 
के आसिफ की शादी दिलीप कुमार की बहन अख्तर बेगम से हुई थी। एक बार अख्तर बेगम और आसिफ में झगड़ा हुआ। दिलीप बीच-बचाव करने पहुंचे तो आसिफ ने उनसे कह दिया कि अपना स्टारडम मेरे घर से बाहर रखो। दिलीप कुमार उनकी इस बात से बेहद नाराज हुए। दिलीप का के आसिफ के प्रति नाराजगी का आलम ये था कि वो फिल्म के प्रीमियर तक में नहीं गए थे।
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मुगल-ए-आजम - फोटो : सोशल मीडिया
मुगल-ए-आजम फिल्म हिंदी सिनेमा का सरताज मानी जाती है। 5 अगस्त 1960 में रिलीज हुई फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ को उस साल फिल्मफेयर से बेस्ट फिल्म का पुरस्कार भी मिला था। 1960 में बनी इस फिल्म का सेट उस दौर में अपनी भव्यता के लिए खूब चर्चा में रहा था। फिल्म 'मुगल-ए-आजम का गाना 'प्यार किया तो डरना क्या' लाहौर किले के शीशमहल की हूबहू कॉपी में शूट किया गया था और इस शीशमहल की इस कॉपी यानी सेट को बनाने में ही 2 साल का समय लग गया था। यह उस दौर में भारत का सबसे महंगा फिल्म सेट था, जिसे बनाने में करीब 15 लाख का खर्च आया था।


 
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