मौसमी चटर्जी
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मौसमी के बारे में कहा जाता था कि वो बिना ग्लिसरीन के ही रो पड़ती थी। बिना ग्लिसरीन के ही रो पड़ने के सवाल पर एक बार मौसमी ने बातचीत में कहा था, 'हां ये सच है। ये भी ऊपरवाले का दिया हुआ एक वरदान है। जब किसी दृश्य में मुझे रोना होता था तो मैं सोचती थी कि ये मेरे साथ सच में हो रहा है और मैं रो पड़ती थी।' मौसमी ने 'कच्चे धागे', 'संतान', 'जहरीला इंसान', 'करीब', 'फूल खिले है गुलशन गुलशन', 'मांग भरो सजना', 'ज्योति बने ज्वाला', 'दासी', 'अंगूर', 'घायल', जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम किया है।