महानगरी में कई गायक आए और कई चले गए, लेकिन बॉलीवुड के रफी साहब जैसी प्रतिभाएं अनंत काल तक जीवित रहती हैं। 24 दिसंबर,1924 को जन्मे रफी साहब जितने अच्छे फनकार थे, उतने ही अच्छे इंसान भी थे। अमृतसर के छोटे गांव कोटला सुल्तानपुर में रहने वाले रफी, अपने गांव के फकीर के साथ गीत गुनगनाया करते थे। धीरे-धीरे यह सूफी फकीर उनके गाने की प्रेरणा बनता गया और वह मोहम्मद रफी से उस्ताद मोहम्मद रफी बन गए। उनके 97वीं जयंती के मौके पर जानते हैं उनसे जुड़े कुछ अनसुने किस्से।