मोहब्बतें
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
यश चोपड़ा बने असिस्टेंट
फिल्म ‘मोहब्बतें’ की शूटिंग के दौरान यश चोपड़ा ने भी बहुत भागदौड़ की। कई बात तो वह अपने बेटे आदित्य के सहायक भी बन जाते थे। फराह खान से इस बारे में पूछो तो वह खुलासा करती हैं, “हां मैंने देखा है कि आदि की मदद के लिए यश जी सभी गानों के दौरान मौजूद रहा करते थे। यहां तक कि कई बार वह धुआं फेंकने वाली मशीन पकड़ कर भी खड़े हो जाते थे। यह काम आमतौर पर सहायक निर्देशक ही करते हैं और निर्देशक से लेकर नृत्य निर्देशक तक की डांट भी खूब खाते हैं। लेकिन, ये पहला ऐसा मौका था जहां मैं गाने के दौरान धुआं फेंक रहे शख्स पर चिल्ला नहीं सकती थी। क्योंकि, इसे यश जी संभाल रहे थे और काम भी वह कोई भी करें, हमेशा परफेक्ट करते थे।” फिल्म में सिनेमैटोग्राफी की जिम्मेदारी मनमोहन सिंह ने संभाली और फिल्म को बिल्कुल किसी कैनवस पर खिंची पेंटिंग की तरह पेश किया।