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Lucky Ali: लकी अली बोले, ‘हर कॉन्सर्ट से पहले पढ़ता हूं एक दुआ और बाकी सब छोड़ देता हूं भगवान के सहारे’

Sat, 20 Aug 2022 05:11 PM IST
हर्षिता सक्सेना एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

लकी अली अपना एक नया गीत 'मोहब्बत जिंदगी' लेकर आए हैं। वह कहते हैं, ‘इसके माध्यम से मैंने कोई उपदेश देने की कोशिश नहीं की है बल्कि जिंदगी को लेकर कुछ सकारात्मक बातें करने की कोशिश की है। 
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लकी अली - फोटो : social media
लकी अली अपना एक नया गीत 'मोहब्बत जिंदगी' लेकर आए हैं। वह कहते हैं, ‘इसके माध्यम से मैंने कोई उपदेश देने की कोशिश नहीं की है बल्कि जिंदगी को लेकर कुछ सकारात्मक बातें करने की कोशिश की है। वैसे भी कोविड के समय हम सब इतने परेशान रहे हैं। अब हर कोई आशावाद की तलाश कर रहा है।’ उन्होंने यह भी बताया कि कैसे वह बॉलीवुड की मुख्यधारा के संगीत से खुद को अलग पाते हैं। आज भी खुद को बेसुरा गायक मानने वाले लकी अली अब भी संगीत के उस आठवें सुर की तलाश में हैं जिसे साधने के बाद ही वह खुद को अच्छा गायक कह पाएंगे।
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लकी अली - फोटो : social media

संगीतकारों के बीच रहना अच्छा लगता था 

देखा जाए तो महमूद के बेटे के रूप में लकी अली के पास एक अभिनेता के रूप में खुद को स्थापित करने के लिए आवश्यक चीजों की कमी नहीं थी। उन्होंने बाल कलाकार के रूप में अपने पिता द्वारा निर्देशित फिल्म 'छोटे नवाब' में काम किया। सत्तर और अस्सी के दशक में 'ये है जिंदगी', 'हमारे तुम्हारे' और 'त्रिकाल' के अलावा संजय गुप्ता की 'कांटे' और 'सुर- द मेलोडी ऑफ लाइफ' जैसी भी कुछ फिल्मों में काम किया है। वह कहते हैं, ‘मेरे पिता चाहते थे कि मैं अभिनय करूं लेकिन समय बहुत बदल गया था। मुझे संगीतकारों के बीच रहने में बहुत मजा आता था। उनसे संगीत सीखने के लिए मैंने काफी समय बिताया।'

 

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लकी अली - फोटो : social media

उपदेश नहीं सिर्फ सकारात्मक बात 

अभिनय के बजाय गायन के क्षेत्र में लकी अली को काफी सफलता मिली है। ‘ओ सनम', 'एक पल का जीना', 'ना तुम जानो न हम'  जैसे कई सुपर हिट गीत गा चुके लकी अली अपने नए गीत ‘मोहब्बत जिंदगी’ के बारे में बताते हैं, 'कोविड के दौरान हर कोई आशावाद की तलाश करने की कोशिश कर रहा है। ऐसे समय में लोगों को उपदेश देने के बजाय कुछ सकारात्मकता बातें करनी थी जो मैंने इस गीत के माध्यम से पेश की हैं। मैं सिर्फ इस बात पर ध्यान केंद्रित करना चाहता था कि कैसे एक साधारण व्यक्ति सवालों से भरी दुनिया में एक साधारण जीवन चाहता है?'

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लकी अली - फोटो : social media

मोक्ष को प्राप्त करना चाहता हूं 

लकी अली हमेशा अपनी भावपूर्ण, फुटटैपिंग और अनूठी लय के लिए जाने जाते हैं। बॉलीवुड के मुख्यधारा के संगीत से अपनी रचना वह कैसे अलग पाते हैं? ये पूछे जाने पर लकी अली कहते हैं, 'सब कुछ सरगम के सात सुर में है लेकिन मैं लगातार खोज में लगा हुआ हूं और आठवें सुर को प्राप्त करना चाहता हूं जो मौन का एक सुर  है और जिसे मोक्ष भी कहते हैं। मैं एक कलाकार के तौर पर वहां पहुंचना चाहता हूं। अभी भी मैं खुद को अच्छा गायक नहीं मानता हूं। मुझे लगता है कि अभी बहुत कुछ सीखना बाकी है।' 

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लकी अली - फोटो : social media

मुझे लगता है कि बेसुरा हूं 

लकी अली ने संगीत की कहीं से विधिवत तालीम नहीं ली है। उन्होंने जो कुछ भी सीखा है, संगीतकारों की संगत में ही सीखा है। वह खुद को मेलोडी सिंगर भी नहीं मानते बल्कि सिर्फ अपने संगीत पर भरोसा करते हैं। वह कहते है, 'मुझे लगता है कि मैं एक बेसुरा हूं। मैंने संगीत नहीं सीखा है, लेकिन मुझे इस प्रक्रिया पर भरोसा है और मैं जो कुछ भी करता हूं उसमें अपना दिल लगा देता हूं। हम रियाज भी नहीं करते। हम हर कॉन्सर्ट में अपने प्रदर्शन से पहले सिर्फ एक दुआ कहते हैं और बाकी भगवान पर छोड़ देते हैं। हम चाहते हैं कि लोग हमारे संगीत का आनंद लें।'

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