चंद्रशेखर पुसालकर
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
दादा साहब फाल्के के नाती चंद्रशेखर पुसालकर ने अपने नाना के जन्मदिन पर ‘अमर उजाला’ से एक खास बातचीत में कहा भी था, ‘दादा साहब फाल्के के परिवार वाले खुद को भारत सरकार का ऋणी मानते हैं कि दादा साहब फाल्के पुरस्कार की शुरुआत उनके नाम पर की गई। सिनेमा के इस सबसे बड़े अवार्ड की वजह से आज दादा साहब फाल्के को हर कोई जनता है। लेकिन, इसी पुरस्कार से मिलते जुलते पुरस्कारों के नाम पर पर लोग दुकानदारी चलाते हैं तो दुख होता है। दुख होता है ये देखकर कि एक तरफ अमिताभ बच्चन जैसी शख्सियत को दादा साहब फाल्के अवार्ड से सम्मानित किया जाता है तो दूसरी तरह यहां मुंबई में कोई भी फाल्के के नाम पर अवार्ड लेकर चला जाता है।’
Salman Khan: शाहरुख खान नहीं सलमान बनने वाले थे ‘बाजीगर’ के विक्की मल्होत्रा, इस वजह से भाईजान ने छोड़ी फिल्म