देश की स्वर कोकिला कही जाने वाले लता मंगेशकर पंचतत्व में विलीन हो चुकी हैं रविवार सुबह हर किसी की आंखें नम कर लता जी ने दुनिया को अलविदा कह दिया। लता जी के निधन की खबर सामने आते ही देश का हर इंसान दुखी हो उठा। भावुक करने वाले इस क्षण में हर वह व्यक्ति जो लता जी के गाने सुनता और इसे पसंद करता था टूट सा गया। लता मंगेशकर देश की एक ऐसी शख्सियत थी, जिसे बिना जाने या बिना मिले ही लोग अपने जीवन का एक हिस्सा मानते थे। लता जी के लिए लोगों का प्यार किस हद तक था, यह बताने के लिए मुंबई में उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुई लोगों की भीड़ काफी है।
फिल्मी दुनिया में 80 साल तक संगीत जगत में अपना योगदान देने वाली लता मंगेशकर ने 36 भाषाओं में कई हजार गाने गाए। इंडस्ट्री का शायद ही कोई ऐसा दिग्गज कलाकार हो जिसके साथ लता जी ने सुर से सुर ना मिलाया हो। किशोर कुमार हो, आर डी बर्मन हो या मोहम्मद रफी सभी के साथ लता जी ने अपनी आवाज में गाने दिए हैं। लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी की जोड़ी ने इंडस्ट्री को कई सुपरहिट गाने दिए हैं। लेकिन इस जोड़ी के जीवन में एक समय ऐसा भी आया था जब दोनों के बीच मतभेद हो गया।