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Lata Mangeshkar: जब लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी ने किया था साथ गाने से इनकार, चार साल तक चला था दोनों का ये विवाद

Sun, 06 Feb 2022 10:37 PM IST
हर्षिता सक्सेना एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला

सार

देश की स्वर कोकिला कही जाने वाले लता मंगेशकर पंचतत्व में विलीन हो चुकी हैं रविवार सुबह हर किसी की आंखें नम कर लता जी ने दुनिया को अलविदा कह दिया। लता जी के निधन की खबर सामने आते ही देश का हर इंसान दुखी हो उठा।
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लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी - फोटो : सोशल मीडिया

देश की स्वर कोकिला कही जाने वाले लता मंगेशकर पंचतत्व में विलीन हो चुकी हैं रविवार सुबह हर किसी की आंखें नम कर लता जी ने दुनिया को अलविदा कह दिया। लता जी के निधन की खबर सामने आते ही देश का हर इंसान दुखी हो उठा। भावुक करने वाले इस क्षण में हर वह व्यक्ति जो लता जी के गाने सुनता और इसे पसंद करता था टूट सा गया। लता मंगेशकर देश की एक ऐसी शख्सियत थी, जिसे बिना जाने या बिना मिले ही लोग अपने जीवन का एक हिस्सा मानते थे। लता जी के लिए लोगों का प्यार किस हद तक था, यह बताने के लिए मुंबई में उनके अंतिम संस्कार में शामिल हुई लोगों की भीड़ काफी है।

फिल्मी दुनिया में 80 साल तक संगीत जगत में अपना योगदान देने वाली लता मंगेशकर ने 36 भाषाओं में कई हजार गाने गाए। इंडस्ट्री का शायद ही कोई ऐसा दिग्गज कलाकार हो जिसके साथ लता जी ने सुर से सुर ना मिलाया हो। किशोर कुमार हो, आर डी बर्मन हो या मोहम्मद रफी सभी के साथ लता जी ने अपनी आवाज में गाने दिए हैं। लता मंगेशकर और मोहम्मद रफी की जोड़ी ने इंडस्ट्री को कई सुपरहिट गाने दिए हैं। लेकिन इस जोड़ी के जीवन में एक समय ऐसा भी आया था जब दोनों के बीच मतभेद हो गया।

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मोहम्मद रफी, लता मंगेशकर - फोटो : File Photo

दोनों के बीच रिश्ते इस कदर बिगड़ते चले गए कि लता और रफी ने एक- दूसरे के साथ गाना ना गाने तक की कसम खा ली थी। इतना ही नहीं दोनों के बीच में तकरार करीब 4 साल तक जारी रहा था। लेकिन ऐसा क्या हुआ जिसने बॉलीवुड किस मशहूर जोड़ी के संबंध इस हद तक खराब कर दिए थे। लता जी से जुड़े इस किस्से के पीछे की कहानी की बेहद दिलचस्प है। आइए जानते हैं लता और रफी से जुड़े इसी किस्से के बारे में-

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मोहम्मद रफी, लता मंगेशकर - फोटो : सोशल मीडिया

लता मंगेशकर के लिए कहा जाता है कि उन्होंने हमेशा ही संगीतकारों से अपने मन मुताबिक बदलाव करवा कर ही गाने गाए। वहीं रफी साहब हमेशा से ही संगीतकारों के मुताबिक गाना गाते रहे। ऐसे में एक बार लता जी और रफी साहब को फिल्म ‘माया’ के गाने ‘तस्वीर तेरी दिल से जिस दिन से’ गाने का ऑफर मिला। फिल्म का यह गाना एक बंगाली गीत की धुन पर आधारित था, जिसे लता जी 1 साल पहले ही गा चुकी थी। लेकिन यह गाना रिलीज नहीं किया गया। ऐसे में जब इस गाने को हिंदी में गाया जाना था तो लता जी ने इसमें अपने मुताबिक बदलाव की मांग रखी।

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मोहम्मद रफी, लता मंगेशकर - फोटो : सोशल मीडिया

लता जी की इस मांग पर गाने के निर्देशक सलिल चौधरी ने असहमति जाहिर की। ऐसे में इस गाने में लता के साथ मेल वॉइस दे रहे मोहम्मद रफी यह तय नहीं कर पा रहे थे कि आखिर वह किस के हिसाब से इस गाने को गाए। गाने के दौरान उन्होंने नर्म अंदाज में इस गाने को गाया जबकि लता बदलाव करने के बावजूद असंतुलित आवाज में गाना गाए जा रही थी। ऐसे में रफी और लता के बीच गाने के बोल को लेकर कहासुनी हो गई और दोनों गायकों के बीच कोल्ड वॉर शुरू हो गई।

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मोहम्मद रफी, लता मंगेशकर - फोटो : सोशल मीडिया

इतना ही नहीं दोनों के बीच गायको की रॉयल्टी पर भी ऐसी बहस छिड़ी कि दोनों ने साथ काम करने से इंकार कर दिया। दरअसल लता ने इंडस्ट्री के सभी गायकों की आवाज उठाते हुए उनके लिए रॉयल्टी की मांग की थी। इस मुद्दे पर सभी गायकों ने मीटिंग रखी, लेकिन रफी साहब लता और रॉयल्टी की मांग कर रहे अन्य गायकों के खिलाफ थे। ऐसे में रफी साहब ने कहा कि वह लता के साथ गाना नहीं गाएंगे। इस लता ने जवाब में कहा आप क्या मेरे साथ गाना गाएंगे, मैं खुद कभी आपके साथ नहीं गाऊंगी। बस फिर क्या था इस तरकार के बाद करीब 4 साल तक लता मंगेशकर और रफी साहब ने ना ही कोई गाना गाया और ना ही कोई मंच साझा किया।

 

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