अपने सुरों से लोगों का दिल जीतने वालीं लता मंगेशकर अब हमारे बीच नहीं रहीं। लता जी ने रविवार सुबह दुनिया को अलविदा कह दिया। लता मंगेशकर के निधन की खबर सुनते ही हर किसी का दिल टूट गया और आंखें आंसुओं से भीग गई। स्वर कोकिला के नाम से मशहूर लता मंगेशकर की आवाज आज भी कानों में मिश्री घोल देती है। साल 1942 हमें अपने करियर की शुरुआत करने वाली लता जी को फिल्म ‘महल’ के गाने ‘आने वाला आएगा’ से पहचान मिली। लता जी ने अपने इस लंबे करियर में 30,000 से ज्यादा गानों को अपनी आवाज दी, लेकिन आज यही आवाज खामोश हो गई है।
रविवार की सुबह देश के हर व्यक्ति के लिए दुखी करने वाली सुबह साबित हुई। लता मंगेशकर के निधन की खबर सामने आते ही कई लोगों के लिए इस पर भरोसा करना मुश्किल हो गया था। देश- दुनिया में अपनी एक अलग पहचान बनाने वालीं लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को मध्यप्रदेश के इंदौर में हुआ था। 13 साल की छोटी सी उम्र में उन्होंने गाना शुरू कर दिया था। लता जी के पिता पंडित दीनानाथ मंगेशकर संगीत की दुनिया और मराठी रंगमंच के जाने-माने व्यक्ति थे। लता जी को अपने पिता से ही संगीत की शिक्षा मिली थी।