फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lata Mangeshkar: भारतीय सिनेमा की महान गायिका बनने के बाद भी लता जी को हमेशा रहा इस बात का दुख

Sun, 06 Feb 2022 10:32 AM IST
शशि सिंह एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 4
लता मंगेशकर - फोटो : insta
पूरे  देश और हिंदी सिनेमा के लिए यह स्तब्ध कर देने वाली खबर है। स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर का निधन हो गया है। लता मंगेशकर भारतीय सिनेमा की सबसे लोकप्रिय गायिका होने के साथ सबसे आदरणीय गायिका भी थीं। लता जी ने संगीत की दुनिया को छह दशक तक अपने सुरों से नवाजा। उनकी आवाज का जादू जहां सरहद पर खड़े जवान में जोश की लहर को दौड़ा देता है, तो वहीं उनके गाने सुनकर लोगों की आंख में आंसू भी आ जाते हैं। लता जी 50 से 60 के दशक में गाए उनके गाने आज भी लोगों की जुबान पर रहते हैं उनकी आवाज का जादू ही है कि उन्हें स्वर कोकिला भी कहा गया। हालांकि भारत की महान गायिका बनने के बाद भी लता जी को एक बात का दुख हमेशा रहा।
विज्ञापन

2 of 4
लता मंगेशकर - फोटो : PTI
इस बात का रहा हमेशा दुख
हिंदी सिनेमा में गायिकी का दूसरा नाम लता मंगेशकर थी। उन्होंने अपना पूरा जीवन संगीत को समर्पित कर दिया। अपनी सुरीली आवाज से करोड़ों लोगों को दीवाना बनाने वाली लता मंगेशकर की पहचान भारतीय सिनेमा पार्श्व गायिका के रूप में रही। लता मंगेशकर के पिता जी  एक क्लासिकल गायक थे और लता जी ने बहुत छोटी उम्र से ही शास्त्रीय संगीत सीखना शुरु कर दिया था। लता जी को अपने जीवन में किसी बात का अफसोस नहीं रहा। उन्होंने कभी भी अपने रियाज में कोताही नहीं बरती लेकिन सिनेमा में गाने के चलते लता जी को इस बात का दुख जरुर रहा कि शास्त्रीय संगीत से वह दूर हो गईं।
विज्ञापन

3 of 4
लता मंगेशकर - फोटो : फाइल
भारत रत्न से की जा चुकी हैं सम्मानित-
गायकी के क्षेत्र में लता जी का अद्वितीय योगदान रहा है। उनकी गायकी बेजोड़ है, जिसे दशकों तक याद रखा जाएगा। करोड़ों प्रशंसको के बीच उनका दर्जा पूजनीय है। लता जी का छह दशक का करियर उपलब्धियों से भरा पड़ा है। उन्हें फिल्म  जगत का सबसे बड़ा सम्मान दादा साहब फाल्के अवार्ड भी मिल चुका है तो वहीं लता जी को देश के सबसे बड़े सम्मान 'भारत रत्न' से भी नवाजा जा चुका है।

विज्ञापन

4 of 4
लता मंगेशकर - फोटो : PTI
जब पतली आवाज कहकर रिजेक्ट कर दिया गया-
लता जी ने देश से लेकर पूरी दुनिया में नाम कमाया लेकिन उनका करियर भी उतार-चढ़ाव भरा रहा। एक समय था जब हिंदी सिनेमा में शमशाद बेगम, नूरजहां और जोहराबाई अंबालेवाली जैसी वजनदार आवाज वाली गायिकाओं का बोलबाला था। इसलिए अपने शुरुआती वर्षों में लता जी को काफी संघर्ष करना पड़ा। कई प्रोड्यूसर और संगीत निर्देशक यह कहकर उन्हें रिजेक्ट कर देते थी कि उनकी आवाज बहुत महीन है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें