रानी लक्ष्मीबाई का जन्म 19 नवंबर, 1828 को बनारस के एक मराठी ब्राह्मण परिवार में हुआ था। 1857 की क्रांति में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ लड़ते हुए रानी लक्ष्णी बाई ने अपने प्राणों का बलिदान दे दिया था। आज उनकी पुण्यतिथि है। साहस और बहादुरी की मिसाल मनु ने मरते दम तक यही कहा 'मैं अपनी झांसी नहीं दूंगी'। अरुण गोविल से लेकर कंगना रणौत तक सभी इस वीरांगना को याद कर रहे हैं। अरुण दोविल ने लिखा है- बुंदेले हरबोलों के मुंह हमने सुनी कहानी थी, खूब लड़ी मर्दानी वह तो झांसी वाली रानी थी। 1857 स्वतंत्रता संग्राम की वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई के बलिदान दिवस पर भावभीनी श्रद्धांजलि।
इन अभिनेत्रियों ने लूटी वाहवाही
लक्ष्मीबाई के व्यक्तित्व ने हर किसी को आकर्षित किया, फिर चाहे वो लेखक हों या फिल्मकार या नाटककार। बॉलीवुड की फिल्मों से लेकर टीवी सीरियल तक निर्देशकों ने उनकी वीरगाथा अपने अपने अंदाज में दिखाई है। कई अभिनेत्रियों ने रानी लक्ष्मी बाई के किरदार से खूब वाहवाही भी लूटी है।