कुछ रंग कुछ कहानियां बुक लॉन्च कार्यक्रम
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
मनोज ने मुंबई विश्वविद्यालय परिसर में ढलती रविवार की शाम में अपनी सधी आवाज में ‘कुछ रंग, कुछ कहानियां’ के कुछ अंश जब पढ़े तो हर सुनने वाला मंत्रमुग्ध दिखा। मनोज के सस्वर वाचन और शब्दों के बहाव का अपना अनूठा अंदाज दिखा। और, मनोज जब बोले कि सुदर्शना जी की कहानियों में नारी की प्रधानता और उसके त्याग की पराकाष्ठा दिखाई देती है तो सब उनके भावों के प्रवाह में बहने से लगे। और, इस सरल बहाव में मनोज बाजपेयी का ये खुलासा एक नई ठांव बनकर आया कि सुदर्शना जी से उन्हें और गहराई से जोड़ने वाली एक दूसरी चीज है, ‘क्रिया योग’, जिसमें उन्हीं की तरह वह और उनका परिवार भी दीक्षित है।