फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गुजरा जमाना: 40 के दशक की इस अभिनेत्री की खूबसूरती पर मरते थे लोग, पालकी में निकलती थी इनकी सवारी

Mon, 21 Jun 2021 07:11 PM IST
दीपाली श्रीवास्तव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 7
नसीम बानो - फोटो : सोशल मीडिया
हिंदी सिनेमा का इतिहास काफी पुराना है। ऐसे ही गुजरे जमाने के अभिनेता, अभिनेत्रियों के बारे में आज की युवा पीढ़ी काफी कम जानती है। आज हम आपको 40 के दशक की एक ऐसी अदाकारा के बारे में जो बेहद खूबसूरत थीं। उन्हें एक बार कोई देख लेता था तो उनके चेहरे से नजरें हटाना मुश्किल हो जाता था। कहा जाता है कि वह स्कूल में पढ़ने के लिए पालकी से जाया करती थीं। वो इतनी सुंदर थीं कि उन्हें हमेशा पर्दे में ही रखा जाता था। हम जिस हसीना की खूबसूरती का बखान कर रहे हैं वो थीं नसीम बानो। दिग्गज अभिनेत्री सायरा बानो की मां और अभिनेता दिलीप कुमार की सास। बॉलीवुड की पहली महिला सुपरस्टार नसीम बानो का जन्म 4 जुलाई 1916 को हुआ था। उन्हें हमेशा फूलों की तरह रखा गया। आज हम आपको नसीम बानो के बारे में कुछ खास बातें बताने जा रहे हैं...

ऐसे हुई फिल्मी करियर में दिलचस्पी
एक बार नसीम अपने स्कूल की छुट्टियों में अपनी मां के साथ फिल्म सिल्वर किंग की शूटिंग देखने गई और इसे देखकर ही उन्होंने फैसला किया कि वह भी एक्ट्रेस बनेंगी। स्टूडियो में नसीम की सुंदरता देखकर उन्हें फिल्मों में काम करने का ऑफर भी मिल गया था। लेकिन उनकी मां ने बच्ची कहकर इन प्रस्तावों का ठुकरा दिया।
विज्ञापन

2 of 7
नसीम बानो - फोटो : सोशल मीडिया
नसीम बानो ठान चुकी थीं कि उन्हें अब अभिनेत्री ही बनना है। अब वो अगले ऑफर के इंतजार में थी कि इसी दौरान फिल्म निर्माता सोहराब मोदी ने अपनी फिल्म खून का खून के लिए बतौर अभिनेत्री नसीम को काम करने के लिये प्रस्ताव दिया। लेकिन इस बार भी नसीम की मां बीच में आ गई और उन्होंने निर्देशक को साफ इंकार कर दिया।
विज्ञापन

3 of 7
नसीम बानो - फोटो : सोशल मीडिया
नसीम बानो का गुस्सा सातवें आसमान पर चढ़ गया और वो जिद पर अड़ गईं कि अब फिल्मों में काम करके ही रहेंगी। सिर्फ यही नहीं अपनी बात मनवाने के लिए नसीम भूख हड़ताल पर बैठ गईं। आखिरकार उनकी मां को बेटी की जिद पूरी करनी पड़ी और उन्होंने सोहराब मोदी को हां कर दी।

4 of 7
नसीम बानो - फोटो : सोशल मीडिया
फिर क्या था नसीम बानो ने एक से बढ़कर एक फिल्मों में काम किया। सिर्फ सोहराब मोदी के साथ नसीम ने कई फिल्में कीं। इन फिल्मों में तलाक, मीठा जहर, बसंती और भी कई शामिल हैं। लेकिन फिल्म 'पुकार' में नूरजहां का किरदार निभाकर नसीम मशहूर हो गईं। फिल्मी करियर में अपने पैर जमाने के बाद नसीम बानो ने मियां अहसान-उल हक से शादी की। 
विज्ञापन

5 of 7
नसीम बानो, सायरा बानो, दिलीप कुमार - फोटो : सोशल मीडिया
अदाकारा ने ताजमहल पिक्चर्स बैनर भी शुरू किया, जिसके तले कई फिल्में भी बनी। लेकिन बंटवारे के समय नसीम अपने पति के साथ पाकिस्तान चली गईं। कुछ समय बाद नसीम बानो अपने दो बच्चों को लेकर वहां से भारत वापस चली आईं। 60 के दशक में आई फिल्म ‘अजीब लड़की’ नसीम बानो की आखिरी फिल्म थी। इसी दौरान उनकी बेटी सायरा बानो सिनेमा की दुनिया में अपने कदम जमा रही थीं।
विज्ञापन

6 of 7
नसीम बानो, सायरा बानो, दिलीप कुमार - फोटो : सोशल मीडिया
कहा जाता है दिलीप कुमार और सायरा बानो की शादी के पीछे भी नसीम बानो का हाथ था। सायरा हर अभिनेता के साथ फिल्में कर रही थीं और इसी दौरान उनका दिल राजेंद्र पर आ गया। जबकि राजेंद्र तीन बच्चों वाले शादीशुदा व्यक्ति थे। मां नसीम को जब ये बात पता चली, तो उन्हें अपनी बेटी की नादानी पर काफी गुस्सा आया। नसीम ने दिलीप साब की मदद ली और उनसे कहा कि सायरा को वे समझाइश दें ताकि राजेंद्र कुमार से पीछा छूटे। दिलीप कुमार ने यह काम किया क्योंकि वे सायरा के बारे में ज्यादा जानते भी नहीं थे और शादी का तो दूर-दूर तक इरादा नहीं था।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
सायरा बानो और दिलीप कुमार - फोटो : सोशल मीडिया
जब दिलीप साहब ने सायरा को समझाया कि राजेंद्र के साथ शादी का मतलब है पूरी जिंदगी सौतन बनकर रहना और तकलीफें सहना। तब पलटकर सायरा ने दिलीप साहब से सवाल किया कि क्या वे उससे शादी करेंगे? सवाल से हिचकिचाए दिलीप उस समय तो कोई जवाब नहीं दे पाए। लेकिन 11 अक्टूबर, 1966 को उन्होंने अपनी 44 साल की उम्र में 25 साल की सायरा से बाकायदा शादी रचा ली। दिलीप कुमार ने कोई चट मंगनी पट ब्याह की स्टाइल नहीं अपनाई थी। नसीम और सुबोध मुखर्जी को इसके लिए काफी फिल्डिंग करनी पड़ी थी। खैर, दोनों ने एक दूसरे का पूरा साथ दिया और एक अच्छे दंपति का उदाहरण पेश किया। सायरा बानो अब अपने पति और अभिनेता दिलीप कुमार का खास ख्याल रख रही हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें