फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इस वजह से इंदिरा गांधी के आगे भी नहीं झुके किशोर कुमार, आकाशवाणी पर गानों को कर दिया गया था बैन

Tue, 25 Jun 2019 08:29 AM IST
shrilata biswas एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
kishore kumar - फोटो : file photo
किशोर कुमार हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के उन सिंगर्स में से एक हैं जो अपनी धुन के पक्के माने जाते थे। अपनी गायिकी से वो आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं लेकिन एक वक्त ऐसा था जब उनकेे गानों को बैन कर दिया गया था। जी हां, 25 जून 1975 को जब देश में आपातकाल लगा था तो इसके शिकार किशोर कुमार भी हुए थे।
विज्ञापन

2 of 5
kishore kumar - फोटो : file photo
कहा जाता है कि किशोर कुमार अपने उसूलों से कभी समझौता नहीं करते थे, शायद इसी का नतीजा रहा कि उनके गानों को बैन कर दिया गया था। दरअसल, आपातकाल के दौरान कांग्रेस चाहती थी कि सरकारी योजनाओं की जानकारी किशोर कुमार अपनी आवाज में गाना गाकर दें। कांग्रेस को भी समझ आ गया था कि उन्हें एक ऐसे आवाज की जरूरत है जो उसकी बात आम जनता तक पहुंचा सके। इसके लिए उन्होंने किशोर कुमार से संपर्क किया।
विज्ञापन

3 of 5
Kishore Kumar - फोटो : file photo
इंदिरा गांधी सरकार में उस दौरान सूचना प्रसारण मंत्री वीसी शुक्ला थे। उन्होंने किशोर कुमार के पास संदेश भिजवाया कि वो इंदिरा गांधी के लिए गीत गाएं जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सरकार की आवाज पहुंचे लेकिन किशोर कुमार ने गाना गाने से मना कर दिया। किशोर कुमार ने संदेश देने वाले से पूछा कि उन्हें ये गाना क्यों गाना चाहिए तो उसने कहा, क्योंकि वीसी शुक्ला ने ये आदेश दिया है।

4 of 5
Kishore Kumar - फोटो : file photo
आदेश देने की बात सुनकर किशोर कुमार भड़क गए और उन्होंने उसे डांटते हुए मना कर दिया। यह बात कांग्रेस को इस कदर नागवार गुजरी कि उन्होंने किशोर कुमार के गाने ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर बैन कर दिए। यह बैन 3 मई 1976 से लेकर आपातकाल खत्म होने तक जारी रहा। किशोर कुमार के गाने ऑल इंडिया रेडियो और दूरदर्शन पर नहीं चलाए जाते थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
Kishore Kumar - फोटो : file photo
अपनी धुन के पक्के किशोर कुमार ने एक बार कहा था, 'कौन जाने वो क्यों आए लेकिन कोई भी मुझसे वो नहीं करा सकता जो मैं नहीं करना चाहता। मैं किसी दूसरे की इच्छा या हुकूम से नहीं गाता।' जो सरकार से भी पंगा ले ले वैसा कोई अपनी वसूलों का पक्का ही कर सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें