कटी पतंग
- फोटो : अमर उजाला आर्काइव, मुंबई
आशा पारेख ने साझा की यादें
फिल्म ‘कटी पतंग’ की चर्चा चलने पर आशा पारेख कहती हैं, ‘शक्ति सामंत जी की फेवरिट हीरोइन तब शर्मिला टैगोर हुआ करती थीं। वह शायद विधवा का किरदार नहीं करना चाहती थीं और मैंने परदे पर बिना ग्लैमर के दिखने का ये मौका जाने नहीं दिया। फिल्म विधवा विवाह के एक बहुत ही संवेदनशील विषय पर बनी फिल्म थी। और, राजेश खन्ना तब तक बहुत बड़े सुपरस्टार भी बन चुके थे। लेकिन, उन्होंने एक महिला प्रधान फिल्म में काम करने में जरा भी हिचक नहीं दिखाई। हमने इससे पहले फिल्म ‘बहारों के सपने’ में काम किया था, लेकिन अब मामला अलग था। फिल्म के सारे हिट गाने राजेश पर फिल्माए गए। लेकिन, फिल्म का शीर्षक गीत जिसे लता जी ने गाया है, ‘ना कोई उमंग है, ना कोई तरंग है, मेरी जिंदगी है क्या, एक कटी पतंग है..’ मेरे ऊपर फिल्माया गया। और, आज भी मैं ये गाना सुनती हूं तो मेरे दिल में एक हूक सी उठती है।’