कंगना रणौत
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पिछले साल अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की कथित आत्महत्या के बाद से कंगना ने हिंदी सिनेमा में नेपोटिज्म, गिरोहबंदी और छद्म पत्रकारिता के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। कंगना को कई तबकों से समर्थन भी खूब मिला है। लेकिन, इसके लिए उन्हें नुकसान भी काफी उठाना पड़ा। मुंबई स्थित उनके दफ्तर में स्थानीय नगर पालिका ने कुछ निर्माण को अवैध बताते हुए उसे गिराने की कार्रवाई भी की थी। इस पूरे अभियान के बाद उन्हें केंद्र सरकार ने सुरक्षा भी मुहैया कराई।