कंगना रणौत
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वरिष्ठ पत्रकार वैभव कुरेंदरे कहते हैं, "राज ठाकरे को अगर बोलना होता, तो वो अब तक बोल चुके होते, लेकिन वो अभी तक बोले नहीं है। इसका मतलब उनका ये कोई राजनीतिक कदम होगा। शिवसेना बदनाम हो रही हो और महाराष्ट्र के सत्ता पक्ष के खिलाफ लोग बोल रहे हैं, तो विपक्षी नेता के तौर पर मनसे को वो चाहिए। इसलिए वो अब तक चुप्पी साधे हुए है।" वैभव कुरेंदरे कहते हैं कि संजय राउत के राज ठाकरे को आह्वान करने के दो कारण हो सकते हैं। वे कहते हैं, "उद्धव ठाकरे पर कंगना की तरफ से जो टिप्पणियां की जा रही हैं, वो व्यक्तिगत नहीं है। बल्कि वो उनके काम करने के तरीके और निर्णय क्षमता पर है, इसलिए राज ठाकरे इस पर अभी विचार नहीं कर रहे होंगे। और दूसरा मुद्दा है कि शिवसेना को इस मसले में मनसे की वास्तव में जरूरत हो सकती है और व्यक्तिगत तौर पर भी उनकी अपेक्षा हो सकती है।"