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फ्रॉम शिमला विद लव: हिंदी सिनेमा के सदाबहार हीरो की ये है सबसे रंगीन प्रेम कहानी, पढ़ेंगे तो चौंक जाएंगे

Sat, 19 Sep 2020 06:24 PM IST
अपूर्वा राय अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
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देव आनंद और कल्पना कार्तिक - फोटो : File Photo
हिंदी फिल्मों में कल्पना कार्तिक के नाम से मशहूर हुईं मोना सिंघा 19 सितंबर को 89 साल की हो गई हैं। उनका फिल्मी करियर तो बहुत लंबा नहीं है लेकिन उनका नाम जिस शख्सियत से जुड़ा हुआ है, वह एक समय के बहुत बड़े कलाकार रहे हैं। उनका नाम है अभिनेता देव आनंद। जवां दिलों पर राज करने वाले देव आनंद ने अभिनेत्री सुरैया के प्यार में अपना बहुत वक्त बर्बाद किया। लेकिन, अंत में उन्होंने कल्पना से चुपचाप शादी कर ली। इसकी खबर लोगों को तब हुई जब उन्होंने खुद सामने आकर बताया। यह किस्सा बहुत अजीब और शानदार भी। तो आइए, कल्पना कार्तिक के जन्मदिन के मौके पर आज हम वह किस्सा आपको सुनाते हैं।
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देव आनंद और कल्पना कार्तिक - फोटो : सोशल मीडिया
कल्पना कार्तिक का जन्म एक पंजाबी ईसाई परिवार में लाहौर में हुआ था। उनके पिता गुरदासपुर में तहसीलदार थे और बंटवारे के बाद वह लाहौर छोड़कर हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में आकर बस गए थे। मोना की शिक्षा दीक्षा यहीं पर हुई। वह शिमला के सेंट बीड्स कॉलेज (St. Bede's College) की छात्रा थीं और एक ब्यूटी कॉन्टेस्ट जीतकर मिस शिमला बन गई थीं। उसी ब्यूटी कॉन्टेस्ट के दौरान मोना पर नजर पड़ी देव आनंद के भाई चेतन आनंद की। कल्पना ने एक इंटरव्यू के दौरान बताया, 'तब प्रतियोगिता चल रही थी, उस वक्त चेतन आनंद की नजर मुझ पर पड़ी। उन्होंने मुझे फिल्मों में काम करने का ऑफर दिया और साथ ही मुझे एक नया नाम 'कल्पना कार्तिक' भी दिया।'
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कल्पना कार्तिक और देव आनंद - फोटो : फाइल
कल्पना ने चेतन आनंद के ऑफर को मान लिया और वह शिमला से चली आईं मुंबई। यहां उन्हें चेतन आनंद ने सबसे पहले 1951 में आई फिल्म 'बाजी' में काम दिया। कल्पना ने इस फिल्म में डॉक्टर का किरदार निभाया। इस फिल्म का निर्देशन किया था गुरुदत्त ने। कल्पना ने काम अच्छा किया इसलिए उन्हें चेतन आनंद ने अपनी एक और फिल्म 'आंधियां' में कास्ट किया। इस फिल्म का निर्देशन खुद चेतन आनंद के हाथों हुआ। कल्पना ने एक इंटरव्यू में बताया, '1952 में चेतन आनंद ने मुझे देव आनंद के साथ फिर से फिल्म में लिया। हमारे साथ उस समय की एक बड़ी अभिनेत्री निम्मी भी थीं। यह फिल्म फ्लॉप रही।'

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देव आनंद और कल्पना कार्तिक - फोटो : File Photo
1953 में आई फिल्म 'हमसफर' के बाद चेतन ने कल्पना को एक और फिल्म 'टैक्सी ड्राइवर' की पटकथा सुनाई। इस फिल्म में भी देव आनंद और कल्पना थे। उनके साथ शीला रमानी भी इस फिल्म से अपनी शुरुआत कर रही थीं। इस फिल्म की शूटिंग चल रही थी और पहले भी साथ काम करने का फायदा यह हुआ कि देव आनंद और कल्पना एक दूसरे को अच्छे से जान गए थे। 'टैक्सी ड्राइवर' में काम करते हुए अचानक से दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गईं। सेट पर काम करने वाले लोगों को शूटिंग के दौरान पता चल गया था कि कल्पना और देव आनंद के बीच कुछ चल रहा है।
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कल्पना कार्तिक - फोटो : File Photo
एक दिन हुआ कुछ यूं कि शूटिंग की तैयारी चल रही थी और अगले शॉट के लिए सेट तैयार किया जा रहा था। अचानक से देव आनंद के दिमाग में ख्याल आया। उन्होंने कल्पना को अपने साथ लिया और वहीं बने एक कमरे में जाकर शूटिंग के बीच में ही शादी कर ली। इस घटना का जिक्र खुद देव आनंद ने एक इंटरव्यू में किया। उन्होंने बताया, 'कल्पना बहुत खूबसूरत, चुलबुली, नटखट और पढ़ी लिखी थी। हम एक दूसरे से फिल्म 'बाजी' से ही प्यार करने लगे थे। तब हमने फैसला लिया था कि हम चुपचाप शादी कर लेंगे। इस बारे में हम किसी को नहीं बताएंगे और बाद में लोगों को दावत दे देंगे।'
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देव आनंद - फोटो : File Photo
इस घटना की विस्तार से जानकारी देते हुए देव आनंद ने कहा, 'हम 'टैक्सी ड्राइवर' की शूटिंग कर रहे थे। मेरी जेब में ही एक अंगूठी थी। हमने रजिस्ट्रार से बात की और उसे सेट पर आने के लिए बोला। ब्रेक के बीच में जब लाइट की व्यवस्था की जा रही थी और सेट तैयार हो रहा था तब मैंने कल्पना को हल्का सा इशारा किया। हम पास में ही एक डिपार्टमेंटल रूम में गए और शादी करके वापस आ गए। लेकिन कैमरामैन को पता चल गया था। दरअसल, उसने मेरे हाथ में अंगूठी देख ली थी और वह फिल्म की कंटिन्यूटी में बाधा डालती। वैसे, वह हम दोनों के रिश्ते के बारे में भी जानता था। फिर भी मैंने उसे चुप रहने के लिए बोला और फिर हमने अपना अगला शॉट दिया। हमें इस काम में बहुत मजा आया।'
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देव आनंद और कल्पना कार्तिक - फोटो : File Photo
इस शादी के बाद भी देव आनंद तो फिल्में बनाने में लगे रहे लेकिन वर्ष 1957 में आई 'नौ दो ग्यारह' कल्पना की आखिरी फिल्म रही। 1956 में ही कल्पना और देव आनंद माता पिता बन गए थे। फिल्में करते हुए देव आनंद की दोस्ती आगे भी कई महिलाओं से हुई लेकिन पांच दशकों तक उनकी यह शादी चलती रही।  फिल्मों से वह आज भी दूर हैं लेकिन उनकी शादीशुदा जिंदगी बहुत अच्छी और वफादारी से बीती।
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