Kabir Khan, Kamal Haasan & Shibasish Sarkar
- फोटो : अमर उजाला, मुंबई
‘अमर उजाला’ से एक खास बातचीत में कबीर खान मानते हैं कि फिल्म ‘83’ एक उत्सव है और ये उत्सव दर्शकों के बीच सिनेमाघरों के बाहर जश्न का माहौल नहीं बना पाया। कबीर कहते हैं, ‘फिल्म ‘83’ देखने पहुंच रहे सारे लोगों को फिल्म बहुत पसंद आ रही है। सिनेमाघरों के भीतर ऐसा ही माहौल दिखता है जैसा कि क्रिकेट स्टेडियम में देखने को मिलता रहा है। लोग इसका आनंद उठा रहे हैं और खूब तालियां बजा रहे हैं। सीटियां मार रहे हैं। बस ये माहौल लोगों तक ढंग से पहुंच नहीं पा रहा।‘ क्या फिल्म की रिलीज से पहले रिलायंस एंटरटेनमेंट की फिल्म वितरण टीम और सिनेमाघर मालिकों के बीच चली रस्साकशी से भी मामला बिगड़ा? इस सवाल पर कबीर कहते हैं, ‘ये ट्रेड की रूटीन बातें हैं। इसमें कुछ खास ऐसा था नहीं जिस पर अलग से चर्चा की जा सके।’