फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जावेद अख्तर ने तारिक फतेह से पूछा विश्व हिंदू परिषद को लेकर सवाल, दो दिन बाद ये मिला जवाब

Wed, 04 Mar 2020 03:13 PM IST
अपूर्वा राय एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 5
तारिक फतेह, जावेद अख्तर - फोटो : ट्विटर
गीतकार जावेद अख्तर (Javed Akhtar) अक्सर ट्वीट कर अपनी विचारधारा सबके सामने रखते हैं। हाल ही में सीएए (CAA) और एनआरसी (NRC) का विरोध करते हुए भी उन्होंने कई सारे ट्वीट्स किए थे। लेकिन इस बार उनका एक ट्वीट चर्चा में आ गया है क्योंकि अपने इस ट्वीट में उन्होंने लेखक तारिक फतेह (Tarek Fatah) से ट्वीट कर एक के बाद एक कई सवाल पूछ डाले।
विज्ञापन

2 of 5
javed akhtar
एक मार्च को किए गए ट्वीट में उन्होंने तारिक फतेह से पूछा- तारिक साहब हम दोनों ही खुलेआम मुस्लिम कट्टरपंथियों और मुल्लाओं के खिलाफ हैं। लेकिन मैं जानना चाहता हूं कि क्या ऐसा कोई मुद्दा है, जिसे लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंगदल से आप पूरी तरह असहमत हों? उम्मीद है कि नैतिकता के आधार पर आप इस सवाल को नजरअंदाज नहीं करेंगे।

विज्ञापन

3 of 5
javed akhtar - फोटो : Social Media
इसका जवाब जब जावेद अख्तर को नहीं मिला तो उन्होंने एक नया ट्वीट कर उन्हें याद दिलाया कि अब भी वह उनके जवाब में इंतजार में हैं। इसके बाद तीन मार्च को तारिक फतेह ने जवाब देते हुए लिखा- आपको नहीं पता लेकिन विश्व हिंदू परिषद से मेरा रिश्ता ऐसा रहा है कि अमृतसर में एक नेता से भिड़ने के बाद मुझे गिरफ्तार करने के लिए पुलिस भेज दी गई थी। पुलिस ने होटल में छापा मारा जिसके बाद मैंने सामान छोड़कर भागने में ही भलाई समझी।

4 of 5
tarek fatah in kumbh
तारिक ने आगे लिखा- मैं पिछले 50 साल से सीपीआई का सर्मथक रहा हूं। लेकिन बाद में मुझे लगा कि वे और दूसरे मार्क्सवादी दुनिया में इस्लामवाद के खतरे को नहीं पहचान पा रहे। इस्लामवाद मानव सभ्यता के लिए खतरा है। इसे पहचाने के बाद मैंने उन सभी राजनीतिक ताकतों का समर्थन करता हूं, लेकिन विश्व हिंदू परिषद जैसे नफरत के सौदागर का नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
जावेद अख्तर - फोटो : अमर उजाला
इस जवाब के बाद जावेद अख्तर ने एक और ट्वीट किया जिसमें उन्होंने लिखा- ये ठीक है कि आप उन सभी राजनीतिक ताकतों का विरोध करते हैं, जो इस्लामवाद के खिलाफ हैं। लेकिन जब आप विहिप को नफरत का सौदागर कह रहे हैं तो फिर आप ऐसी राजनीतिक ताकतों का समर्थन कैसे कर सकते हैं जो न केवल विहिप को सपोर्ट करती हैं, बल्कि उसे सक्षम बना रही हैं कि आपको भी उनसे और पुलिस से बचकर भागना पड़े।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें