फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

#हिंदीहैंहम: 'जिनके घर शीशे के बने होते हैं, वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते', पढ़ें 70-80 के दशक के बेहतरीन संवाद

Mon, 14 Sep 2020 10:06 AM IST
प्रतीक्षा राणावत एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
1 of 11
बॉलीवुड फिल्मों के फेमस डायलॉग्स - फोटो : फाइल फोटो
14 सितंबर देशभर में हिंदी दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन को हिंदी के प्रचार प्रसार के लिए मनाया जाता है। हिंदी के प्रचार प्रसार में बॉलीवुड ने भी अपना काफी योगदान दिया है। हिंदी फिल्मों के डायलॉग्स ने भी हिंदी के प्रचार- प्रसार में कोई कमी नहीं छोड़ी है। हिंदी फिल्मों के ऐसे तमाम डायलॉग्स हैं जो सालों से सिने प्रेमियों के जेहन में बसे हुए हैं। केवल देश में ही नहीं बल्कि हिंदी सिनेमा के चाहने वाले विदेशों में भी हैं। जो इन डायलॉग्स को आज तक दोहरातें हैं। इस रिपोर्ट में आपको बताते हैं 50, 60 और 70 के दशक की फिल्मों के बेहतरीन डायलॉग्स...
विज्ञापन

2 of 11
waqt - फोटो : फाइल फोटो
फिल्म: वक्त
डायलॉग: चिनॉय सेठ, जिनके घर शीशे के बने होते हैं वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते।
विज्ञापन

3 of 11
मेरा नाम जोकर (1970) - फोटो : फाइल फोटो
फिल्म: मेरा नाम जोकर
डायलॉग: अंधेरे में क्या देख रहे हो राजू (राज कपूर): स्टेज की चकाचौंध से बाहर आने पर अंधेरे में साफ दिखाई देता है।

4 of 11
आनंद - फोटो : फाइल फोटो
फिल्म: आनंद
डायलॉग: बाबू मोशाय.. जिंदगी और मौत ऊपरवाले के हाथ में है जहांपनाह। उसे न आप बदल सकते हैं न मैं। हम सब तो रंगमंच की कठपुतलियां हैं जिनकी डोर ऊपर वाले की उंगलियों में बंधी है। कब कौन कैसे उठेगा ये कोई नहीं बता सकता है।
विज्ञापन

5 of 11
पाकीजा - फोटो : Twitter
फिल्म: पाकीजा
डायलॉग: आपके पैर बहुत खूबसूरत हैं। इन्हें जमीन पर मत रखिए। ये मैले हो जाएंगे।
विज्ञापन

6 of 11
बॉबी - फोटो : फाइल फोटो
फिल्म: बॉबी
डायलॉग: प्रेम नाम है मेरा। प्रेम चोपड़ा
विज्ञापन

7 of 11
दीवार - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म: दीवार
डायलॉग: जाओ पहले उस आदमी का साइन लेकर आओ जिसने मेरी मां को गाली देकर नौकरी से निकाल दिया। जाओ पहले उस आदमी का साइन लेकर आओ जिसने मेरे हाथ पर लिख दिया था कि मेरा बाप चोर है। उसके बाद तुम जिस कागज पर कहोगे मैं साइन कर दूंगा।

8 of 11
शोले - फोटो : अमर उजाला, मुंबई
फिल्म: शोले 
डायलॉग: यहां से पचास-पचास कोस दूर जब बच्चा रात में रोता है तो मां कहती है, बेटा सो जा। सो जा नहीं तो गब्बर सिंह आ जाएगा। और ये तीन हरामजादे गब्बर सिंह का नाम पूरा मिट्टी में मिलाय दिए।

9 of 11
डॉन - फोटो : फाइल फोटो
फिल्म: डॉन
डायलॉग: डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है।

10 of 11
प्रेम रोग - फोटो : फाइल फोटो
फिल्म: प्रेमरोग
डायलॉग: नहीं राजा साहब, मैं चोरी छिपे नहीं भागूंगा। ये बात सिर्फ एक देवधर या मनोरमा की नहीं है। ये लड़ाई है पूरी समाज में फैली कुरीतियों के खिलाफ है, ये धर्मयुद्ध है।
विज्ञापन

11 of 11
नमक हलाल - फोटो : फाइल फोटो
फिल्म: नमक हलाल
डायलॉग: यू सी सर। आई कैन टाक इंग्लिश..आई कैन वाक इंग्लिश। बिकाज इंग्लिश इज अ फनी लैंग्वेज, भैरव बिकम्स बैरन एंड बैरन बिकम्स भैरों बिकाज देअर माइंड्स आर वेरी नैरो।

पढ़ें: आयुष्मान खुराना बने यूनिसेफ सेलिब्रिटी एडवोकेट, देश में बचपन सुधारने की मिली जिम्मेदारी
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें