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Hijab Row: हिजाब विवाद पर भड़कीं जायरा वसीम, कहा- "सशक्तिकरण के नाम पर महिलाओं को किया जा रहा है परेशान"

Sun, 20 Feb 2022 09:16 AM IST
वर्तिका तोलानी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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जायरा वसीम - फोटो : सोशल मीडिया
कर्नाटक में चल रहे हिजाब विवाद पर कंगना रणौत से लेकर जावेद अख्तर तक कई कलाकार ने खुलकर बयान-बाजी की है। अब इसी कढ़ी में प्रियंका चोपड़ा की फिल्म ‘द स्काई इज पिंक’ में आखिरी बार नजर आने वाली अभिनेत्री ज़ायरा वसीम ने पोस्ट किया है। अभिनेत्री ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर कर्नाटक के स्कूलों और कॉलेजों में हिजाब पर प्रतिबंध की निंदा करते हुए एक लंबा नोट साझा किया है। ज़ायरा ने हिजाब को भगवान के लिए एक दायित्व बताते हुए कहा, "मैं, एक महिला के रूप में, जो कृतज्ञता और विनम्रता के साथ हिजाब पहनती है, इस पूरी व्यवस्था का विरोध करती हूं, जहां महिलाओं को केवल एक धार्मिक प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए रोका और परेशान किया जा रहा है।"
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Zaira Wasim - फोटो : you tube
बता दें कि अभिनेत्री ज़ायरा वसीम ने 2019 में बॉलीवुड छोड़ दिया था। अब अभिनेत्री धीरे-धीरे इंस्टाग्राम पर वापस कर रही हैं। हाल ही में अभिनेत्री ने एक पोस्ट में कर्नाटक हिजाब विवाद के बारे में बात की। ज़ायरा ने इंस्टाग्राम पर एक लंबा, विस्तृत नोट साझा किया, जिसमें उन्होंने हिजाब पर प्रतिबंध और कर्नाटक में कई छात्रों को होने वाले उत्पीड़न की आलोचना की।
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Zaira Wasim - फोटो : Twitter
ज़ायरा अपने नोट में लिखती हैं, "हिजाब पहनना एक विकल्प है, यह सोच गलत है। सुविधा या अज्ञानता की वजह से ऐसी सोच बनी है। हिजाब इस्लाम में एक विकल्प नहीं बल्कि एक दायित्व है। अल्लाह, जिसे वह प्यार करती है और जिसे वह खुद को सौंप चुकी है, उसके द्वारा दिए गए एक दायित्व को पूरा करने के लिए महिला हिजाब पहनती है।"

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Zaira Wasim - फोटो : सोशल मीडिया
वह आगे लिखती हैं, "एक महिला के रूप में मैं कृतज्ञता और विनम्रता के साथ हिजाब पहनती है, मैं इस पूरी व्यवस्था का विरोध करती हूं। जहां महिलाओं को केवल एक धार्मिक प्रतिबद्धता करने के लिए रोका और परेशान किया जा रहा है।"
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Zaira Wasim - फोटो : सोशल मीडिया
यह कहते हुए कि मुस्लिम महिलाओं को शिक्षा और हिजाब के बीच चयन करना अन्यायपूर्ण है, जायरा लिखती हैं, "मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ इस पूर्वाग्रह को ढेर करना और ऐसी व्यवस्था स्थापित करना जहां उन्हें शिक्षा और हिजाब के बीच फैसला करना चाहिए या छोड़ देना एक पूर्ण अन्याय है। आप उन्हें एक बहुत विशिष्ट विकल्प बनाने के लिए मजबूर करने का प्रयास कर रहे हैं।"
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जायरा वसीम (फाइल फोटो) - फोटो : Facebook
जायरा वसीम ने यह भी कहा कि यह दुखद है कि यह सब 'सशक्तिकरण के नाम पर' किया जा रहा है। "इन सबसे ऊपर, एक मुखौटा बनाना कि यह सब सशक्तिकरण के नाम पर किया जा रहा है, और भी बुरा है जब यह बिल्कुल विपरीत है। दुख की बात है।" 

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