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ऐसे हुई थी नदीम-श्रवण की पहली मुलाकात, एक फिल्म ने रातों-रात दिला दी थी शोहरत

Fri, 23 Apr 2021 11:57 AM IST
अमरीन हुसैन एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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नदीम-श्रवण - फोटो : Social media

90 के दशक के मशहूर म्यूजिक कंपोजर श्रवण राठौड़ का 66 साल की उम्र में निधन हो गया है। वह कोरोना से पीड़ित थे और गंभीर हालत में थे। उनके गुजरने की खबर सुनते ही फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ पड़ी है। बॉलीवुड के म्यूजिक कंपोजर्स और सिंगर्स से लेकर सुपरस्टार्स और आमलोग तक दुख जता रहे हैं। उन्होंने अपने करियर में एक से बढ़कर एक संगीत दिए, जिसमें कई हिट फिल्मों के गाने शामिल रहे।

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नदीम-श्रवण - फोटो : Social media
90 के दशक में संगीत की दुनिया में सबसे मशहूर नदीम-श्रवण की जोड़ी भला किसको याद नहीं होगी। उस दौर में इनके म्यूजिक की खूब डिमांड थी और नदीम-श्रवण की तूती बोला करती थी। श्रवण का निधन हो गया है। वे कोरोना से संक्रमित होने के बाद से मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती थे। श्रवण राठौड़ एक जमाने में नदीम सैफी के साथ मिलकर बेहतरीन धुनें बनाया करते थे। इस जोड़ी को ऑडियन्स भी उतना ही पसंद करती थी। दोनों ने संगीत की दुनिया में बेहतरीन मुकाम हासिल कर लिया था।
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नदीम-श्रवण - फोटो : Social media
नदीम और श्रवण की पहली मुलाकात एक पार्टी में हुई थी। दोनों ने भोजपुरी फिल्म 'दंगल' से करियर की शुरुआत की थी। 1980 में नदीम श्रवण को बॉलीवुड की फिल्मों में भी कम मिलने लगा था, लेकिन उन्हें अभी तक वो कामयाबी नहीं मिली थी, जिसका इंतेजार वो कर रहे थे। 10 साल तक कई छोटी-बड़ी फिल्मों में नदीम-श्रवण ने काम किया।

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नदीम-श्रवण - फोटो : Social media
इसके बाद आया 90 का दौर। इस साल रिलीज हुई फिल्म 'आशिकी' ने दोनों को रातों रात स्टार बना दिया। अच्छे गाने के कारण ये फिल्म बड़ी हिट साबित हुई। आशिकी की एल्बम की 20 मिलियन यूनिट्स की बिक्री हुई थी, इसकी वजह से यह बॉलीवुड की ऑल टाइम बेस्ट सेलिंग एल्बम बनी।
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नदीम-श्रवण - फोटो : Social media
इसके बाद इस जोड़ी ने कई और फिल्मों में अपने संगीत से लोगों का दिल जीता। 'साजन', 'दिल है कि मानता नहीं', "सड़क', 'सैनिक', 'दिलवाले', 'राजा हिंदुस्तानी' व 'फूल और कांटे' जैसी फिल्मों के गाने आज भी लोग बड़े प्यार से सुनते हैं। वैसे तो नदीम-श्रवण की जोड़ी हर तरह के गानों में संगीत देती थी, लेकिन इनकी खासियत मेलोडी सॉन्ग थी।
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नदीम-श्रवण - फोटो : Social media
गुलशन कुमार की हत्या के कुछ साल बाद 2005 में इस जोड़ी ने अलग होने का फैसला किया। इसके बाद श्रवण अपने बेटों के म्यूजिक पर ध्यान देने लगे। वहीं, नदीम ने दुबई में बैग और परफ्यूम की कंपनी खोली। एक इंटरव्यू के दौरान नदीम ने बताया था कि उनके और श्रवण के बीच कोई लड़ाई नहीं थी।
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