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ग्रेटा थनबर्ग ने किसान आंदोलन को सपोर्ट करने के लिए कैंपेन का प्लान ट्वीट कर किया डिलीट, हुईं ट्रोल

Wed, 03 Feb 2021 11:19 PM IST
दीपाली श्रीवास्तव एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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ग्रेटा थनबर्ग - फोटो : पीटीआई
किसान आंदोलन की गूंज विदेशों तक पहुंच चुकी है और ऐसे में कई विदेशी सेलेब्स और कार्यकर्ता इस मुद्दे पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। जहां एक तरफ अमेरिकन सिंगर रिहाना के ट्वीट पर भारत में बयानबाजी चल रही है। तो वहीं स्वीडिश जलवायु परिवर्तन कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग ने किसान आंदोलन के समर्थन में एक ट्वीट किया था। लेकिन इस ट्वीट को करने के कुछ देर बाद ही ग्रेटा ने इसे डिलीट कर दिया। जिसके बाद वो सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल हो रही हैं।
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ग्रेटा के ट्वीट का स्क्रीनशॉट - फोटो : Twitter
दरअसल, ग्रेटा ने किसान आंदोलन के समर्थन में ट्वीट करते हुए लिखा था, 'हम भारत में चल रहे किसान आंदोलन के साथ एकजुटता से खड़े हैं।' इसके बाद उन्होंने एक और ट्वीट किया, जिसमें गूगल डॉक्युमेंट फाइल शेयर की गई थी। इस फाइल में सोशल मीडिया कैंपेन का शेड्यूल शेयर किया गया था। इतना ही नहीं इस फाइल को शेयर करते हुए ग्रेटा ने टूलकिट शब्द का इस्तेमाल किया था। इसके साथ ही इसमें भारत सरकार पर अंतर्राष्ट्रीय दबाव बनाने की की कार्ययोजना भी साझा की गई थी। जिसके चलते वह ट्रोलर्स के निशाने पर आ गई हैं।
 
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ग्रेटा थनबर्ग - फोटो : पीटीआई
इस ट्वीट को करने के कुछ देर बाद ही ग्रेटा ने इसे डिलीट कर दिया था। लेकिन कुछ लोगों ने इस फाइल के स्क्रीनशॉट ले लिए थे। जो कि सोशल मीडिया पर जमकर शेयर होने लगे। ग्रेटा द्वारा साझा की गई फाइल की भाषा को लेकर सबसे ज्यादा सवाल उठाये जा रहे हैं। लोगों ने कहा कि ग्रेटा भी शायद मुहिम का हिस्सा हैं।

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कंगना रनौत (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter @KanganaTeam
तो वहीं ग्रेटा के इस ट्वीट पर एक्ट्रेस कंगना रणौत की प्रतिक्रिया भी आ गई। उन्होंने लिखा, 'इस बेवकूफ लड़की ने लेफ्ट वालों के लिए सबसे बड़ी गलती कर दी है। भारत को अस्थिर करने के उनके इंटरनेशनल प्लान को ट्वीट कर दिया है, जो कॉन्फिडेंशियल रहा है। सब पप्पू एक ही टीम में हैं, हाहाहा। जोकरों का समूह।'
 
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किसान आंदोलन पर विदेशी हस्तियों का समर्थन - फोटो : AMAR UJALA
बता दें कि रिहाना के बाद जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थनबर्ग, अमेरिकी उपराष्ट्रपति कमला हैरिस की भतीजी मीना हैरिस और अन्य ने किसानों के मुद्दे पर अपनी राय रखी थी। जिसके बाद विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा है कि ‘इस तरह के मामलों पर टिप्पणी करने से पहले, ये आग्रह किया जाता है कि तथ्यों को जाना जाए और मुद्दों की उचित समझ बनाई जाए। सनसनीखेज सोशल मीडिया हैशटैग और टिप्पणियों का प्रलोभन, खासकर जब मशहूर हस्तियों और अन्य लोगों द्वारा होता है, वे न तो सटीक और न ही जिम्मेदार होता है।'
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