गुलाम मोहम्मद
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1924 में गुलाम मोहम्मद अपना करियर बनाने के लिए बॉम्बे आ गए। आठ सालों तक महानगरी में संघर्ष करने के बाद, 1932 में उन्हें सरोज मूवीटोन'स प्रोडक्शंस की "राजा भृतहरि" में तबला बजाने का मौका मिला। यहां से गुलाम मोहम्मद की किस्मत चमकी और उन्हें करदार प्रोडक्शंस के प्रसिद्ध संगीत निर्देशक नौशाद का सहायक बनने का अवसर मिला। फिल्म संगीतकार अनिल विश्वास के साथ 12 साल से अधिक समय तक काम करने के बाद, गुलाम मोहम्मद ने फिल्म 'टाइगर क्वीन' (1947) में स्वतंत्र रूप से संगीत की रचना की।