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Pankaj Udhas: जब पड़ोसन को देख पंकज ने रखा इश्क के बादल पर पांव, फिर ऐसे तय किया शादी तक का सफर

Sat, 11 Feb 2023 10:25 AM IST
प्रियंका नेगी एंटरटेनमेंट डेस्क, अमर उजाला
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पंकज उधास और फरीदा उधास - फोटो : अमर उजाला
अपनी मखमली आवाज से लोगों के दिलों पर राज करने वाले पंकज उधास आज अपनी शादी की सालगिरह मना रहे है। पंकज ने गजल की दुनिया में खूब नाम कमाया। उनकी लव लाइफ भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। तो चलिए आज उनकी  शादी की सालगिरह के मौके पर आपको रूबरू कराते हैं उनकी प्यारी सी लव स्टोरी से...
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पंकज उधास और फरीदा उधास - फोटो : सोशल मीडिया
गजल गायक पंकज उधास अपनी शादी की सालगिरह मना रहे हैं। तो बात 70 के दशक की है। जब पंकज ने अपने पड़ोसी के घर में फरीदा (जो अब उनकी वाइफ हैं) को पहली बार देखा और देखते ही उनको दिल दे बैठे। पड़ोसी ने ही पंकज और फरीदा की मुलाकात करवाई थी। उस वक्त पंकज ग्रेजुएशन कर रहे थे और फरीदा एयर होस्टेस थीं। दोनों में दोस्ती हुई और मुलाकातों का दौर शुरू हो गया। कुछ ही महीनों में दोनों एक-दूसरे के बेहद करीब आ गए थे। जब पंकज ने अपने परिवार को फरीदा के बारे में बताया तो  पंकज की फैमिली का रिएक्शन उनके और फरीदा के रिलेशन को लेकर पॉजिटिव था। लेकिन फरीदा चूंकि पारसी कम्युनिटी से थी, इसलिए उनके पेरेंट्स को ऑब्जेक्शन था। इसकी वजह ये थी कि उनकी कम्युनिटी में जाति से बाहर शादी करने पर पाबंदी थी। इस वजह से पंकज और फरीदा ने तय किया कि शादी तभी करेंगे, जब दोनों के पेरेंट्स का आशीर्वाद मिलेगा। पंकज, फरीदा के पिता से मिले, जो रिटायर्ड पुलिस ऑफिसर थे। काफी मनाने के बाद पंकज से मिलकर उन्होंने कहा यदि आप दोनों को ऐसा लगता है कि आप एक-साथ खुश रहेंगे तो आगे बढ़ें और शादी करें। अब दोनों की दो बेटियां हैं नायाब और रेवा।

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पंकज उधास और फरीदा उधास - फोटो : सोशल मीडिया
बात करें पंकज के करियर के शुरुआत की तो पंकज उधास के घर में शुरू से ही संगीत का माहौल था। उनके बड़े भाई मनहर उधास भी मशहूर पार्श्वगायक हैं। पंकज उधास के संगीत प्रेम का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि महज सात साल की उम्र में वह गाने लगे थे। हालांकि शुरुआत में वह सिर्फ शौकिया तौर पर ही गाया करते थे लेकिन उनके इस टैलेंट को भाई मनहर ने पहचान लिया और उन्हें इस राह पर चलने के लिए प्रेरित किया। दरअसल बड़े भाई मनहर भी गाया करते थे और पंकज को वह अपने साथ समारोह में अपने साथ ले जाते थे।

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पंकज उधास और फरीदा उधास - फोटो : सोशल मीडिया
पंकज उधास ने अपना पहला गाना भारत-चीन युद्ध के दौरान गाया था, जो 'ऐ मेरे वतन के लोगों' था। इस गाने के लिए उन्हें एक दर्शक ने प्राइज के तौर पर 51 रुपए का इनाम दिया था। यह गाना लोगों को इतना पसंद आया कि इसे सुनते- सुनते लोग रोने लगे थे। इसके बाद उन्होंने गजल गायकी की दुनिया में कदम रखा। और साल 1980 में अपना पहला एल्बम आहट नाम से निकाला। पहला एल्बम लॉन्च होते ही उन्हें बॉलीवुड से सिंगिंग के ऑफर मिलने लगे। उन्होंने 1981 में एल्बम तरन्नुम और 1982 में महफिल लॉन्च किया। उन्होंने लगभग 40 एल्बम बनाएं।

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पंकज उधास - फोटो : सोशल मीडिया
पंकज उधास की सिने करियर की शुरुआत 1972 में प्रदर्शित फिल्म कामना से हुई लेकिन कमजोर कहानी और निर्देशन के कारण फिल्म बुरी तरह असफल साबित हुई। इसके बाद गजल गायक बनने के उद्देश्य से उन्होंने उर्दू की तालीम हासिल करनी शुरू कर दी। पंकज उधास ने लगभग दस महीने तक टोरंटो रेडियो और दूरदर्शन में गाना गाया। इस बीच कैसेट कंपनी के मालिक मीरचंदानी से उनकी मुलाकात हुई और उन्हें अपनी नई एलबम आहट में पार्श्वगायन का अवसर दिया। यह अलबम श्रोताओं के बीच काफी लोकप्रिय हुआ। साल 1986 में प्रदर्शित फिल्म ‘नाम’ पंकज उधास के सिने करियर की महत्वपूर्ण फिल्मों में एक है। यूं तो इस फिल्म के लगभग सभी गीत सुपरहिट साबित हुए लेकिन उनकी मखमली आवाज में 'चिट्ठी आई है' आज भी श्रोताओं की आंखों को नम कर देती है।

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पंकज उधास - फोटो : सोशल मीडिया
इस फिल्म की सफलता के बाद पंकज उधास को कई फिल्मों में पार्श्वगायन का अवसर मिला। इन फिल्मों में गंगा जमुना सरस्वती, बहार आने तक, थानेदार, साजन, दिल आश्ना है, फिर तेरी कहानी याद आई, ये दिल्लगी, मोहरा, मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी, मझधार, घात और ये है जलवा प्रमुख हैं। 

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